औरंगाबाद : ओबरा के उकुरमी गांव में बारिश के मौसम में शुरू हुआ जमीन सर्वे, किसानों और अमीनों को हो रही है परेशानी

खेतों में विशेष जमीन सर्वे करते अमीन एवं सर्वे कर्मी | Prabhat Khabar Network
औरंगाबाद जिले के ओबरा प्रखंड के उकुरमी गांव समेत कई अन्य गांवों में बारिश और धान की रोपनी के बीच विशेष भूमि सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है. बारिश के मौसम में हो रहे इस कार्य से किसानों और सर्वे कर्मियों (अमीनों) दोनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि जिला प्रशासन ने निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं.
सरकार एक तरफ जहां बारिश के मौसम में किसानों की सुविधा के लिए खेतों में अमीनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर भूमि सर्वे का कार्य करा रही है, वहीं दूसरी तरफ बारिश और धान की रोपाई के इस सीजन में हो रहे इस कार्य से किसान और अमीन दोनों खासे परेशान हैं.
ओबरा प्रखंड के सरसौली पंचायत अंतर्गत उकुरमी गांव में सरकार के निर्देशानुसार 23 जुलाई से विशेष सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया गया है. अमीन सह विशेष सर्वेक्षणकर्ता पंकज कुमार तथा उनके सहयोगी सत्येंद्र कुमार लगातार खेतों में पहुंचकर सर्वे का कार्य कर रहे हैं.
किसानों की क्या है शिकायतें ?
गांव के किसान अर्जुन सिंह, शिव जन्म सिंह, अरुण सिंह, दीपू सिंह, सुरेंद्र सिंह, जगन सिंह और जतन सिंह सहित अन्य किसानों का कहना है कि सरकार को सर्वे का यह महत्वपूर्ण कार्य साफ और खुले मौसम में कराना चाहिए था, लेकिन इसे बरसात के दिनों में कराया जा रहा है, जिससे भारी दिक्कतें आ रही हैं.
किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग ने औपचारिकता निभाते हुए गांव में आमसभा तो की थी, लेकिन इसकी व्यापक और स्पष्ट जानकारी आम किसानों तक नहीं पहुंचाई गई थी.
किसानों का तर्क है कि इस समय खेतों में धान की मुख्य रोपनी का काम चल रहा है, ऐसे में अचानक शुरू हुए इस सर्वे कार्य से उन्हें अपनी खेती-किसानी के कामों में काफी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. किसानों ने इसे महज एक प्रशासनिक खानापूर्ति करार दिया है.
सर्वे कर्मियों की क्या है प्रतिक्रिया ?
इस संबंध में सर्वेक्षणकर्ता पंकज कुमार ने अपनी बात रखते हुए बताया कि किसानों की जानकारी के लिए सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता पोस्टर चिपकाए गए हैं तथा वार्ड सदस्यों के माध्यम से भी गांवों में सूचना प्रसारित कराई गई है.
उन्होंने स्वीकार किया कि बारिश के इस मौसम में खुले खेतों में जाकर काम करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी सरकारी निर्देशों का पालन किया जा रहा है.
जिला प्रशासन का रुख: निर्धारित समय पर पूरा होगा कार्य
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला बंदोबस्त पदाधिकारी मो. परवेज आलम ने स्पष्ट किया कि यह सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत हर हाल में निर्धारित समय-सीमा के भीतर सर्वे का कार्य पूरा किया जाना है.
इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने चेताया कि काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के वेतन से कटौती तक के निर्देश दिए गए हैं.
जमीन पर उतरकर स्थल का भौतिक सत्यापन करते हुए नया नक्शा और नया प्लॉट-खेसरा तैयार किया जाना है. उन्होंने बताया कि ओबरा प्रखंड के तेंदुआ, हरीकेश, उसरूमभी, धावा, मानिकपुर, कासिमबीघा, कुसाढ़ी, होलीचक, बारा, राजवारा, मस्तानीचक, बिशनपुर, सुर्खीबीघा, कदयाही, नारायणपुर समेत कई गांवों में बड़े पैमाने पर विशेष भूमि सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है.
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