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भावविभोर कर देने वाली है लेटर्स टू द अनबोर्न चिल्ड्रन ऑफ फातिमा जहां की कहानी

Updated at : 08 Jul 2025 7:03 PM (IST)
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भावविभोर कर देने वाली है लेटर्स टू द अनबोर्न चिल्ड्रन ऑफ फातिमा जहां  की कहानी

उच्च विद्यालय एकौनी खेल मैदान में यूनिटी और कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार के सहयोग से यूनिटी रंग उत्सव में तीसरे दिन लेटर्स टू द अनबोर्न चिल्ड्रन ऑफ फातिमा जहां का मंचन किया गया

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दाउदनगर.

उच्च विद्यालय एकौनी खेल मैदान में यूनिटी और कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार के सहयोग से यूनिटी रंग उत्सव में तीसरे दिन लेटर्स टू द अनबोर्न चिल्ड्रन ऑफ फातिमा जहां का मंचन किया गया. अनुचिंतन कोलकाता टीम द्वारा डॉ गौरव दास के कुशल निर्देशन में नाटक का सशक्त मंचन किया गया. नाटक की समीक्षा करते हुए शिक्षक अंबुज कुमार सिंह ने कहा कि कहानी अत्यंत भाव विभोर करने वाली और मार्मिकता से परिपूर्ण थी.बार-बार प्रेम में असफल हो रही स्त्री और हर बार गर्भधारण करने के बावजूद भी नयी जान को धरती पर वापस लाने में अक्षम साबित होती स्त्री की संपूर्ण वेदना मंच पर जीवंत हो उठी थी, जिसमें दर्शक तो गोते लगा रहे थे. उनके अभिनय अंतर्मन को झकझोर रहे थे. प्रेमी द्वारा त्यागने के बावजूद वह अपने बच्चों को लाना चाहती है, उससे प्रेम करना चाहती है, दुलार करना चाहती है और बिना बाप के भी उसकी परवरिश करना चाहती है, लेकिन नियति को यह मंजूर नहीं होता है. नाटक की कहानी एक-दूसरे विमर्श की ओर भी हमें ले जाती है. आदिवासी और गरीब समाज में पली बढ़ी लड़की प्रेम जाल में फंसकर कोठे पर बिक जाती है और अपना सर्वस्व नुकसान कर बैठती है. यह नाटक स्त्री के प्रेम और संतान सुख से वंचित होकर अंतहीन संत्रास को चित्रित करने में सफल साबित होता है. बंगाली थिएटर के अनुरूप पूरा नाटक गीत संगीत, साज बाज से परिपूर्ण रहा. जगह-जगह कर्णप्रिय संगीत ने दर्शकों को बांधे रखा. राष्ट्रीय कैंसर संस्थान कोलकाता में चिकित्सक के पद पर कार्यरत डॉ गौरव दास की निर्देशकीय क्षमता मंच पर दर्शकों को भाव विभोर करने में कामयाब रहा. प्रेम, पीड़ा, रोमांस, शोषण आदि की घटनाएं मंच पर स्वाभाविक रूप से घटित हुई और दर्शक उसी के रॉ में बढ़ते चले गये. नाटक में साज बाज के साथ ही लाइट डिजाइन ऑपरेशन में अदृश्य कुमार राय,ध्वनि विन्यास में चक्रपाणि देव, अबरार शाक्य की कोरियाग्राफी, अदृश्य कुमार राय की सेट और प्रॉपर्टी डिजाइन, वंदना मिश्रा का ध्वनि संचालन और संदीप कुमार की फोटोग्राफी ने नाटक को अपने अंजाम तक पहुंचने में भरपूर सहयोग किया. इसके पहले रंगमंच का औपचारिक उद्घाटन सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर ज्ञान गंगा इंटर स्कूल के निदेशक और जन सुराज के नेता नंदकिशोर यादव, सिंदूरार पंचायत के कार्यवाहक मुखिया सिकंदर कुशवाहा, मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र यादव, शिक्षक संघ गोपगुट के महासचिव नागेंद्र सिंह और वरिष्ठ रंग कमी ब्रजेश कुमार के द्वारा किया गया. संचालन अंबुज कुमार ने किया और स्वागत धन्यवाद ज्ञापन रमाकांत सिंह, श्रीनिवास मंडल, रविकांत, सुधीर प्रकाश, दीपक कुमार आदि ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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