मुंशी प्रेमचंद का साहित्य आज भी समाज को दिखाता है सच्चाई का आईना : प्रदीप कुमार सिंह

जयंती मनाते लोग | Prabhat Khabar Network
आधुनिक हिंदी साहित्य के महान रचनाकार मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती पर औरंगाबाद में एक विशेष विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. इस दौरान साहित्यकारों ने प्रेमचंद के यथार्थवादी साहित्य की वर्तमान समाज में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला.
Aurangabad News : राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दवीणा की औरंगाबाद जिला समिति के तत्वावधान में आधुनिक हिंदी साहित्य के यथार्थवादी रचनाकार और उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती पर "समकालीन समाज और मुंशी प्रेमचंद के यथार्थवाद की प्रासंगिकता" विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ शब्दवीणा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी एवं जिला संरक्षक डॉ. सुरेंद्र प्रसाद मिश्र के आह्वान पर राष्ट्रीय प्रवक्ता सह जिलाध्यक्ष सुरेश विद्यार्थी के नेतृत्व में मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया.
प्रेमचंद का साहित्य आज भी प्रासंगिक मुख्य अतिथि मुखिया प्रतिनिधि प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में मुंशी प्रेमचंद का साहित्य पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है. उन्होंने अपनी रचनाओं में भारतीय समाज की गरीबी, शोषण, सामाजिक भेदभाव, भ्रष्टाचार और विषमताओं का सजीव चित्रण किया है. वर्षों पहले लिखी गई उनकी रचनाएं आज भी समाज की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती हैं.
समाज सुधार की प्रेरणा देती हैं रचनाएं राष्ट्रीय प्रवक्ता सह जिलाध्यक्ष सुरेश विद्यार्थी ने कहा कि प्रेमचंद के उपन्यास गोदान में किसानों की पीड़ा का मार्मिक चित्रण है, जबकि निर्मला सामाजिक कुरीतियों पर गहरा प्रहार करती है. उनकी भाषा सहज और जनसामान्य की भाषा है, जो सीधे पाठकों के मन को स्पर्श करती है. उन्होंने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएं केवल समस्याओं को उजागर नहीं करतीं, बल्कि समाज सुधार की प्रेरणा भी देती हैं.
प्रमुख कृतियों पर हुई विस्तृत चर्चा विचार गोष्ठी में प्रेमचंद की चर्चित कहानियों बड़े घर की बेटी, ईदगाह और ठाकुर का कुआँ तथा उपन्यास कर्मभूमि, रंगभूमि, सेवासदन, गबन, वरदान और प्रतिज्ञा पर विस्तार से चर्चा की गई. कार्यक्रम में संत मरियम मिशन स्कूल के प्राचार्य सतीश कुमार सिंह, राणा सुनील सिंह, विकास कुमार सिंह, गोलू कुमार गुप्ता, शिक्षिका दिव्या कुमारी सहित अन्य साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे.
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