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नाबालिग को भगाने में दोषी को पांच साल की सजा

12 Nov, 2025 6:14 pm
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नाबालिग को भगाने में दोषी को पांच साल की सजा

स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने सुनवाई के बाद सुनाया फैसला

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स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने सुनवाई के बाद सुनाया फैसला प्रतिनिधि, औरंगाबाद शहर. औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के स्पेशल पॉक्सो कोर्ट सह जिला जज छह ने बुधवार को पांच वादों का निष्पादन किया. इसमें टंडवा थाना कांड संख्या-100/24, जीआर-212/24 में सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए एक मात्र अभियुक्त को सजा सुनायी है. स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता ने बताया कि टंडवा इटवां निवासी नामजद अभियुक्त गौतम कुमार को बीएनएस धारा के तहत पांच साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. पॉक्सो एक्ट में तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी. दोनों सजा में जुर्माना नहीं देने पर तीन-तीन माह अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी. अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि प्राथमिकी सूचक पीड़िता के भाई ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसमें कहा था कि मां को इलाज कराने 24 अगस्त 2024 को बहन साथ गयी थी. नाबालिग बहन को शादी की नियत से बहला कर अभियुक्त ने अपहरण कर लिया था. अनुसंधान के क्रम में अभियुक्त वर पीड़िता को घटना के 20 दिन बाद पुलिस ने गुजरात से बरामद किया था. अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया था. तब से अभियुक्त जेल में बंद है. प्रशिक्षु पुअनि अमित कुमार ने 16 नवंबर 2024 को इस कांड का आरोपपत्र न्यायालय में समर्पित किया था. इस घटना के समर्थन में पांच गवाही हुई थी. देव सूर्य मंदिर में सामुदायिक सेवा करने की सजा औरंगाबाद किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी सह एसीजेएम सुशील प्रसाद सिंह ने देव थाना कांड संख्या-46/19, जेजेबी-168/25 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए एक मात्र विधि विरुद्ध किशोर को सामुदायिक सेवा की सजा सुनायी है. पैनल अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि विधि विरुद्ध किशोर को इस वाद में दोषी करार देते हुए 15 दिन देव सूर्य मंदिर में सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया गया है. देव सूर्य मंदिर न्यास समिति को यह भी आदेश दिया गया है कि जेजेबी ऐक्ट की धारा 74 का पालन करें. विधि विरुद्ध किशोर का नाम, पता और सेवा अवधि उजागर नहीं हो. कार्यविधि के दौरान विधि विरुद्ध किशोर का आचरण और व्यवहार संबंधित एक प्रतिवेदन एक निश्चित समय तक किशोर न्याय बोर्ड औरंगाबाद में समर्पित करवाएं. पैनल अधिवक्ता ने बताया कि प्राथमिकी पीड़िता की मां ने 23 मार्च 2019 को दर्ज करायी थी, जिसमें कहा था कि होली के दिन विधि विरुद्ध किशोर ने बच्ची का दुपट्टा खिंचकर छेड़खानी की थी. घटना की जानकारी उसके परिजनों को देने पर मेरे घर पर आकर बच्ची का बाल पकड़ कर मारपीट की गयी और बचाने गयी, तो उसके साथ भी मारपीट कर घायल कर दिया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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