औरंगाबाद: सदर अस्पताल में दलालों पर सिजेरियन मरीजों को निजी नर्सिंग होम भेजने का आरोप, जांच-दवा तक फैला नेटवर्क

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सदर अस्पताल औरंगाबाद | Prabhat Khabar Network

सदर अस्पताल औरंगाबाद

औरंगाबाद सदर अस्पताल में दलालों का सक्रिय नेटवर्क, मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी नर्सिंग होम भेजने का खेल जारी। प्रशासन ने कार्रवाई का दिया भरोसा।

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Aurangabad Sadar Hospital : औरंगाबाद के सदर अस्पताल में इलाज के नाम पर दलाली का गंभीर मामला सामने आया है. जहां गरीब और जरूरतमंद मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में कथित तौर पर दलालों का सक्रिय नेटवर्क काम कर रहा है. इलाज, जांच और दवा तक हर स्तर पर बिचौलियों की दखलंदाजी की बात सामने आ रही है, जिससे मरीजों का आर्थिक शोषण हो रहा है और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की साख पर सवाल उठ रहे हैं.

जानकारी के अनुसार अस्पताल परिसर में आशा और ममता कार्यकर्ताओं के साथ-साथ दर्जनों की संख्या में महिला दलाल भी सक्रिय हैं. ये लोग मरीजों और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर निजी नर्सिंग होम और मेडिकल दुकानों तक ले जाने का काम कर रहे हैं. खासकर ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब और अनपढ़ मरीज इनके निशाने पर रहते हैं.

सिजेरियन मरीजों को निजी अस्पताल भेजने का खेल

सदर अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं, विशेषकर सिजेरियन ऑपरेशन की जरूरत वाले मरीजों को निजी नर्सिंग होम भेजे जाने का आरोप लंबे समय से लगाया जा रहा है. बताया जाता है कि दलाल मरीजों को अस्पताल में सुविधाओं की कमी या खतरे का डर दिखाकर उन्हें निजी अस्पताल जाने के लिए मजबूर करते हैं. इसके बदले उन्हें प्रति मरीज छह हजार से 10 हजार रुपये तक कमीशन मिलने की चर्चा है. इस पूरे खेल में मरीज और उनके परिजन भ्रमित हो जाते हैं और मजबूरी में निजी अस्पताल का रुख करते हैं.

दवा खरीद में भी कमीशन का खेल

अस्पताल के बाहर संचालित मेडिकल दुकानों पर भी दलालों की सक्रियता देखी जा रही है. मरीजों को सस्ती जेनेरिक दवा दिलाने का झांसा देकर उन्हें तय दुकानों तक ले जाया जाता है. आरोप है कि हर दवा खरीद पर दलालों को कमीशन मिलता है. इससे मरीजों को सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता और उन्हें जेब से ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है.

पर्ची काउंटर से वार्ड तक फैला नेटवर्क

सूत्रों के मुताबिक अस्पताल खुलते ही सुबह से ही दलालों का नेटवर्क सक्रिय हो जाता है. पर्ची काउंटर, ओपीडी, जांच केंद्र और प्रसूति वार्ड के आसपास इनकी मौजूदगी साफ नजर आती है. मरीजों को डॉक्टर से मिलने, जांच कराने या भर्ती कराने के नाम पर भ्रमित कर निजी संस्थानों की ओर मोड़ने की कोशिश की जाती है. इससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों में असमंजस की स्थिति बनी रहती है.

प्रशासन ने सख्ती का दिया भरोसा

इस पूरे मामले पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ आशुतोष कुमार ने कहा कि अस्पताल परिसर में दलालों की गतिविधियों को रोकने के लिए समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है. यदि किसी के द्वारा मरीजों का शोषण या दलाली किए जाने की शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आएं और इलाज से जुड़ी जानकारी केवल अधिकृत डॉक्टरों और कर्मचारियों से ही लें.

मरीजों से सतर्क रहने की अपील

प्रभात खबर की ओर से भी सदर अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों से अपील की गई है कि किसी भी दलाल या बिचौलिए के झांसे में न आएं. इलाज, ऑपरेशन, जांच या दवा से संबंधित जानकारी सिर्फ अस्पताल के अधिकृत स्टाफ से ही प्राप्त करें. यदि कोई व्यक्ति निजी अस्पताल या मेडिकल दुकान पर जाने का दबाव बनाता है या पैसे की मांग करता है, तो इसकी शिकायत तुरंत प्रशासन से करें.


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Sujit Kumar

लेखक के बारे में

By Sujit Kumar

पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे हैं. क्राइम की खबरों में गहरी समझ है. वर्ष 2014 से प्रभात खबर औरंगाबाद में ब्यूरो चीफ की जिम्मेवारी संभाल रहे है. सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज औरंगाबाद से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की.

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