नशा मुक्त समाज के लिए जागरूकता जरूरी
Published by : SUDHIR KUMAR SINGH Updated At : 10 Sep 2025 7:51 PM
समें प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक शामिल हुए
औरंगाबाद ग्रामीण. सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ लालसा सिन्हा की अध्यक्षता में गैर संचारी रोग विभाग व सीडस एनजीओ पटना के तत्वावधान में नशा मुक्ति कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक शामिल हुए. परिवार, समाज व देश के भविष्य नौनिहाल छात्र-छात्राओं पर नशा का प्रभाव व नशे की आदत जैसी संभावनाओं से कैसे दूर रखा जा सके, इसपर चर्चा की गयी. सिविल सर्जन डॉ लालसा सिन्हा, एनसीडी प्रमुख डॉ रवि रंजन कुमार सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन अरविंद शर्मा, डिस्ट्रिक्ट टेक्निकल ऑफिसर स्क्रीनिंग कैंसर डॉ फैजा व डॉ कुमार अजितेष ने विशेषकर शिक्षकों व उपस्थित आमलोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रारंभ से ही छात्र-छात्राओं में नशा की आदत नहीं लगे इसके लिए विशेष रूप से उन्हें समझाने की आवश्यकता है. क्योंकि इसके दुष्प्रभाव से विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन पर विशेष रूप से प्रभाव पड़ता है और वह अपने मार्ग से भटक जाते हैं. नशा सेवन से शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक क्षमता पर तो दुष्प्रभाव देखे ही जाते हैं लेकिन कैंसर जैसी अन्य कई जटिल बीमारी होने की भी संभावनाएं बनी रहती है. जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए हुए शिक्षकों से कहा गया कि आप अपने शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में पान, गुटखा तंबाकू व शराब आदि जैसे बिक्री पर अपनी पैंनी नजर रखें. 100 मीटर के दायरे में ऐसी नशीली चीजों की विक्री ना होनें दें. अगर ऐसी स्थिति में नशीली पदार्थों की बिक्री की जाती है तो आप शासन व प्रशासन को इसकी खबर दें ताकि विद्यालय व शैक्षणिक संस्थान के आसपास नशीली पदार्थ की बिक्री नहीं की जा सके, जिससे छात्र-छात्राओं को नशीले पदार्थों के सेवन व उसके दुष्प्रभावों से अलग रखा जा सके.
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