औरंगाबाद के बेलाढ़ी चोरी कांड में आईजी विकास वैभव का बड़ा एक्शन, अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए SIT गठित

Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 02 Jun 2026 9:21 PM

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विकाश वैभव की फाइल तस्वीर

Aurangabad News: औरंगाबाद के दाउदनगर थाना क्षेत्र के बेलाढ़ी गांव में 13 मई को हुई चोरी की घटना में आभूषणों की बरामदगी और अपराधियों की गिरफ्तारी न होने पर मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने कड़ा संज्ञान लिया है. उन्होंने दाउदनगर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक एसआईटी (SIT) का गठन किया है, जो डीआईयू और तकनीकी सेल की मदद से सीसीटीवी व मोबाइल लोकेशन की जांच करेगी. आईजी ने औरंगाबाद एसपी को केस की डेली मॉनिटरिंग करने और हर 24 घंटे में प्रगति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है.

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Aurangabad News (ओम प्रकाश): औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलाढ़ी गांव में बीते 13 मई को हुई बड़ी आवासीय चोरी की घटना को लेकर मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) विकास वैभव ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी चोरी गए कीमती आभूषणों की बरामदगी और शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी में कोई अपेक्षित प्रगति (संतोषजनक सुधार) नहीं होने के मद्देनजर, आईजी ने मामले के त्वरित और प्रभावी खुलासे के लिए एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया है. इस संबंध में मगध क्षेत्र (गया जी) पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय द्वारा बकायदा एक आधिकारिक प्रेस बयान जारी कर आदेश जारी किया गया है.

कांड की गंभीरता और संपत्ति के मूल्य को देखते हुए आईजी ने लिया कड़ा संज्ञान

प्रेस बयान के अनुसार, दाउदनगर थाना कांड संख्या 307/26 के तहत दर्ज इस चोरी की वारदात को बेहद गंभीरता से लिया गया है. आईजी विकास वैभव ने कांड की संवेदनशीलता, चोरी गई संपत्ति के अत्यधिक मूल्य और अब तक उपलब्ध वैज्ञानिक तथ्यों का सम्यक मूल्यांकन करने के बाद यह निर्णय लिया है.

गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी अनुसंधान सुनिश्चित करने के लिए इस नवगठित एसआईटी (SIT) की कमान सीधे दाउदनगर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को सौंपी गई है. इस विशेष टीम का मुख्य दायित्व कांड का त्वरित उद्भेदन करना, घटना में शामिल अंतरजिला या अंतरराज्यीय अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना और शत-प्रतिशत आभूषणों की बरामदगी सुनिश्चित करना है.

सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन का दोबारा होगा विश्लेषण, अन्य राज्यों में भी होगी छापेमारी

आईजी द्वारा गठित इस विशेष टीम को स्थानीय दाउदनगर थाना पुलिस, जिला सूचना इकाई (DIU) और अन्य संबंधित जांच एजेंसियों के साथ मजबूत समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है. टीम घटना स्थल और आसपास के रूटों से कलेक्ट किए गए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, संदिग्ध मोबाइल नंबरों के डंप डेटा, टावर लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का पुनः सूक्ष्म परीक्षण और गहन विश्लेषण करेगी.

इसके साथ ही पुलिस को पूर्व में जेल जा चुके या इलाके में सक्रिय संदिग्ध व्यक्तियों की सूची बनाकर उनका भौतिक सत्यापन करने, उनसे कड़ाई से पूछताछ करने और आवश्यकता पड़ने पर बिहार के पड़ोसी जिलों समेत अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क साधकर बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है.

एसपी औरंगाबाद करेंगे डेली मॉनिटरिंग, हर 24 घंटे में आईजी दफ्तर को भेजनी होगी प्रगति रिपोर्ट

मामले में शिथिलता को पूरी तरह खत्म करने के लिए आईजी ने औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक (SP) को इस पूरे कांड की स्वयं नियमित समीक्षा (डेली मॉनिटरिंग) करने की जिम्मेदारी दी है. एसपी को निर्देश दिया गया है कि वे एसआईटी द्वारा की गई कार्रवाई और अनुसंधान की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक 24 घंटे पर मगध प्रक्षेत्र कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे.

प्रेस वार्ता के अंत में मगध रेंज पुलिस की ओर से साफ शब्दों में संदेश दिया गया है कि क्षेत्र में चोरी, डकैती और संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जा रही है. अपराधियों की धरपकड़ और आम जनता के चोरी गए आभूषणों व सामानों की सकुशल बरामदगी करना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. इस सख्त निर्देश के बाद से ही पुलिस महकमे और स्थानीय अपराधियों के बीच हड़कंप का माहौल है.

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