स्कूल से दो किमी दूर मिली बच्ची

Published at :09 Apr 2017 5:49 AM (IST)
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स्कूल से दो किमी दूर मिली बच्ची

कुव्यवस्था. सामने आयी निजी स्कूल की लापरवाही, जांच का आदेश औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद में निजी विद्यालय बच्चों के प्रति कितना गैर जिम्मेवार है, इसका ज्वलंत उदाहारण शनिवार को उस समय सामने आया जब एक ढाई साल की बच्ची स्कूल से दो किमी. दूर रोती-बिलखती मिली. हालांकि अभी तक इस घटना में यह उजागर नहीं […]

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कुव्यवस्था. सामने आयी निजी स्कूल की लापरवाही, जांच का आदेश

औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद में निजी विद्यालय बच्चों के प्रति कितना गैर जिम्मेवार है, इसका ज्वलंत उदाहारण शनिवार को उस समय सामने आया जब एक ढाई साल की बच्ची स्कूल से दो किमी. दूर रोती-बिलखती मिली. हालांकि अभी तक इस घटना में यह उजागर नहीं हुआ कि बच्ची विद्यालय से अकेले निकली या उसे वहां से उठा कर ले आया गया. धर्मशाला माेड़ से रमेश चौक की दूरी लगभग एक किमी है. रमेश चौक से वीर कुंवर सिंह पथ की दूरी एक किमी है.
डीएम ने बाल संरक्षण विभाग को जांच का दिया आदेश जिला पदाधिकारी कंवल तनुज ने इस घटना को गंभीरता से लिया है. जिलाधिकारी ने बाल संरक्षण विभाग को इसकी जांच कर इसकी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. टीम ने जांच पडताल शुरू कर दी है. इस दौरान बच्ची के अभिभावक विद्यालय के प्राचार्य व शिक्षकों के साथ-साथ नगर थाने की पुलिस से भी जानकारी ली गयी है.
बेटी को देखते ही फफक पड़े राम बाबू
सुप्रिया की खोने की जानकारी पाकर राम बाबू जब प्रभात खबर कार्यालय पहुंचे और अपनी बेटी को सही सलामत देखा, तो वे फफक-फफक कर रोने लगे. उन्होंने बताया कि वह बारुण थाना क्षेत्र के महुआर खैरा मध्य विद्यालय में शिक्षक हैं. बेटी को पढ़ाने के लिए वह स्वयं स्कूल पहुंचाया करते थे. जब जानकारी मिली कि उनकी बेटी स्कूल में नहीं बल्कि गणपति मंदिर के समीप पायी गयी, तो पूरा परिवार चिंता में डूब गया था.
ढाई साल की मासूम बच्ची सुप्रिया की स्कूल से दो किमी. दूर पाये जाने की घटना औरंगाबाद शहर के ही जैनिथ क्रैश स्कूल से जुडी है. इसी विद्यालय में सुप्रिया का नामांकन कराया गया था. यह बच्ची औरंगाबाद शहर के ही टिकरी रोड में मिनी बिगहा के राम बाबू की पुत्री है. शनिवार को उसके पिता ने उसे छह बज कर 45 मिनट पर विद्यालय पहुंचाया था. नौ बजे के करीब टिपिन के समय यह बच्ची स्कूल से लापता हो गयी. 10:50 बजे सुप्रिया स्कूल ड्रेस पहनी रोती हुई गणपति मंदिर के समीप देखी गयी. मंदिर के पुजारी द्वारा उसे प्रभात खबर कार्यालय लाया गया. उस वक्त उस बच्ची घबरायी हुई थी.
वह अभिभावकों का नाम व पता नहीं बता रही थी. स्कूल ड्रेस पर जेनिथ लिखा था. जेनिथ स्कूल कोई चर्चित विद्यालय नहीं था. इस परिस्थिति में यह समझना काफी मुश्किल हो गया था कि यह बच्ची किस स्कूल की है. प्रभात खबर द्वारा इसकी त्वरित जानकारी नगर थाना पुलिस को दी गयी, लेकिन पुलिस को जब आने में विलंब हुई, तो इसकी जानकारी जिला पदाधिकारी कंवल तनुज को दी गयी. जिलाधिकारी ने स्थानीय पुलिस के साथ-साथ बाल संरक्षण विभाग की टीम को भी भेजी.
इसी बीच राहुल राज नाम के युवक ने मोबाइल फोन पर सर्च किया, तो जेनिथ स्कूल का पता व मोबाइल नंबर उपलब्ध हो गया. इसकी जानकारी विद्यालय प्रबंधक को दी गयी. प्रभात खबर के प्रयास से इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचायी गयी. इसी का परिणाम है कि सुप्रिया के पिता राम बाबू को अपनी बच्ची को खोने की जानकारी मिली. वे सीधे प्रभात खबर कार्यालय पहुंचे. नगर थाने की पुुलिस और बाल संरक्षण की टीम भी पहुंची. इसके बाद बच्ची को नगर थाना ले जाया गया. जहां स्टेशन डायरी कर बच्ची को पिता के हवाले कर दिया गया.
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