दहेजवाली शादियों का बहिष्कार करे समाज

Published at :02 Dec 2016 8:13 AM (IST)
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दहेजवाली शादियों का बहिष्कार करे समाज

दाउदनगर अनुमंडल : बेटी दो अनजान परिवारों को जोड़ने का कार्य करती है. सृष्टि की सर्जना करती है. वर्ष 2011 के जनगणना के अनुसार भारत में लिंगानुपात 940 व बिहार में 916 है. घटता लिंगानुपात चिंता का विषय है. उक्त बातें राष्ट्रीय इंटर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार सिंह ने ‘प्रभात खबर’ द्वारा आयोजित […]

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दाउदनगर अनुमंडल : बेटी दो अनजान परिवारों को जोड़ने का कार्य करती है. सृष्टि की सर्जना करती है. वर्ष 2011 के जनगणना के अनुसार भारत में लिंगानुपात 940 व बिहार में 916 है. घटता लिंगानुपात चिंता का विषय है. उक्त बातें राष्ट्रीय इंटर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार सिंह ने ‘प्रभात खबर’ द्वारा आयोजित ‘बेटी बचाओ अभियान’ में कही. उन्होंने कहा कि घटते लिंगानुपात का मुख्य कारण कन्याभ्रूण की हत्या व दहेज प्रथा है. दहेज नहीं लेने व नहीं देने का संकल्प लेना चाहिए. हम संकल्प लें कि दहेजवाली शादी में भाग नहीं लेंगे. राजनेताओं को ऐसा आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए. विवाह समारोह सादगी से मनाने की जरूरत है. गुजरात की चायवाली शादी समाज के लिए अनुकरणीय है. हबीब अंसारी ने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रही हैं. यमुना प्रसाद ने कहा कि बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं समझना चाहिए. अवध किशोर ने कहा कि एक शिक्षित महिला एक सौ शिक्षकों के बराबर होती है. संचालन कर रहे शिक्षक अंबुज कुमार ने कहा कि सदियों से समाज में बेटियों के साथ भेदभाव होता आ रहा है, जिसके कारण हमारा समाज पिछड़ा रहा.
माता -पिता व पूरा समाज बेटियों से ज्यादा बेटों को तरजीह देते रहा है. विगत दशक में हुए सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक व शैक्षिक आंदोलनों के कारण बेटियों ने धरती से लेकर अंतरिक्ष तक अनेक मुकाम हासिल कर अपनी काबिलियत साबित कर दी है. जितेंद्र कुमार रविरंजन ने कहा कि बेटियों की संख्या जिस तरह से घटती जा रही ही है, उससे वातावरण असंतुलित हो जायेगा. महेंद्र सिंह ने कहा कि सादगी से शादी होने पर दहेज प्रथा अपने आप समाप्त हो जायेगी. अंजुम शाकिन ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा महिलाओं को नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है. इसका फायदा उन्हें उचित शिक्षा देने पर मिल सकता है. सच्चिदानंद सिंह ने भी बेटी के महत्व पर प्रकाश डाला. छात्रा अमृता ने कहा कि कन्या भ्रूण की हत्या व भ्रूण जांच पर कड़ाई से रोक लगनी चाहिए. संगीता, लता, कविता, तरन्नुम, प्रीति, रंजु, रेखा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये.
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