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महिलाओं की तुलना में चार गुना अधिक पुरुषों को मधुमेह

Updated at : 14 Feb 2020 7:25 AM (IST)
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महिलाओं की तुलना में चार गुना अधिक पुरुषों को मधुमेह

शुभाशीष पांडेय, औरंगाबाद सदर : जिले में हर 100 में 29 पुरुष तो 100 में सात महिलाओं को शुगर की बीमारी है. महिलाओं की तुलना में चार गुणा अधिक पुरुष को मधुमेह है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 4 की रिपोर्ट के मुताबिक जिला में 17.6 फीसदी पुरुष के शरीर में ग्लूकोज की मात्रा 140 मिलीग्राम […]

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शुभाशीष पांडेय, औरंगाबाद सदर : जिले में हर 100 में 29 पुरुष तो 100 में सात महिलाओं को शुगर की बीमारी है. महिलाओं की तुलना में चार गुणा अधिक पुरुष को मधुमेह है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 4 की रिपोर्ट के मुताबिक जिला में 17.6 फीसदी पुरुष के शरीर में ग्लूकोज की मात्रा 140 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से अधिक है.

एक स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर में ग्लूकोज की मात्रा 140 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर होनी चाहिए. मधुमेह की गंभीर श्रेणी में आने वाले पुरुषों का प्रतिशत 10.8 है. इनके शरीर में ग्लूकोज की मात्रा 160 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से अधिक है.
इन्हें खतरा काफी अधिक है. वहीं 5.4 फीसदी महिलाओं में ग्लूकोज की मात्रा 140 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से अधिक तो 1.9 फीसदी महिलाओं के शरीर में ग्लूकोज की मात्रा 160 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से अधिक है.
मधुमेह को लेकर सरकार गंभीर है और इस दिशा में एक नयी पहल की गयी है. अब आशा कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान की जायेगी. साथ ही लोगों को मधुमेह जैसी बीमारियों के जोखिम को ख़त्म करने के लिए जीवनशैली से जुड़ी आदतें सुधारने के लिए प्रोत्साहित भी किया जायेगा.
आठ फीसदी महिलाओं तो 3.5 फीसदी पुरुषों को हाईब्लड प्रेशर
उच्च रक्तचाप गैरसंचारी रोगों में से एक है. जिला में 15 से 49 साल आयु वर्ग की करीब आठ फीसदी महिलाएं रक्तचाप से प्रभावित हैं. 5.7 फीसदी महिलाओं का रक्तचाप सामान्य से थोड़ा अधिक है. जबकि 1.2 फीसदी महिलाएं मध्यम श्रेणी के रक्तचाप से प्रभावित हैं. वहीं 0.8 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं जिनका रक्तचाप बहुत अधिक है और वे अतिगंभीर श्रेणी में आती हैं. इसी आयु वर्ग के 3.5 फीसदी पुरुष उच्च रक्तचाप से प्रभावित हैं.
रक्त प्रवाह की वजह से नसों की दीवारों पर पड़ने वाला दबाव ब्लड प्रेशर कहलाता है. ये इस बात पर निर्भर करता है कि हृदय कितनी गति से रक्त को पंप कर रहा है और नसों में प्रवाहित होने के दौरान रक्त को कितने अवरोधों का सामना करना पड़ रहा है. चिकित्सकों के अनुसार 130/80 एमएम एचजी से ज्यादा रक्त का दबाव हाईब्लड प्रेशर की श्रेणी में आता है.
बीपी की जांच के लिए विशेष कैंप
मधुमेह व बीपी जैसे गैरसंचारी रोगों की जांच के लिए जिला के सभी प्रखंडों के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष कैंप आयोजित किया गया है. 15 मार्च तक लगने वाले इस विशेष कैंप में 30 से अधिक उम्र के लोगों की मधुमेह व बीपी की जांच की जा रही है.सिविल सर्जन डॉ अकरम अली ने बताया की 30 वर्ष की उम्र से अधिक लोगों में मधुमेह व बीपी सहित अन्य गैरसंचारी रोगों की जांच हो रही है.
बल्ड प्रेशर के लक्षणों की पहचान
• तनाव होना
• सिर में दर्द
• सांस लेने में तकलीफ
• सीने में दर्द की समस्या
• धुंधला दिखना
• पेशाब के साथ खून निकलना
• सिर चकराना
• थकान और सुस्ती
• नींद न आना
• दिल की धड़कन बढ़ना
मधुमेह के लक्षणों की पहचान
• ज्यादा प्यास लगना
• बार बार पेशाब का आना
• आंखों की रोशनी कम होन
• जख्म देरी से भरना
• बार बार फोड़े फुंसियां निकलना
• चक्कर आना
• चिड़चिड़ापन
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