बारिश से सदर अस्पताल का परिसर डूबा, मरीजों को परेशानी

Updated at : 24 Aug 2019 8:50 AM (IST)
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बारिश से सदर अस्पताल का परिसर डूबा, मरीजों को परेशानी

औरंगाबाद : जिले में हो रही लगातार बारिश से मौसम सुहाना हो गया है. उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है. शुक्रवार को भी शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश होती रही. इसके कारण लोग अपने घरों में ही छुपे रहे. मौसम विभाग की मानें तो अगले एक-दो दिनों तक इसी तरह […]

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औरंगाबाद : जिले में हो रही लगातार बारिश से मौसम सुहाना हो गया है. उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है. शुक्रवार को भी शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश होती रही. इसके कारण लोग अपने घरों में ही छुपे रहे. मौसम विभाग की मानें तो अगले एक-दो दिनों तक इसी तरह की मौसम रहेगा.

झमाझम वर्षा होने से सदर अस्पताल में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी. पूरे अस्पताल परिसर में पानी जमा हो गया. इससे रोगियों व स्वास्थ्यकर्मियों को परेशान होना पड़ा. अस्पताल कर्मचारियों का कहना हैं कि जब भी बारिश होती हैं, तो जलजमाव हो जाता है.
जबकि, मरीजों का कहना है कि पानी में खड़ा होकर पुर्जा कटवाना पड़ता है. फिर भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा इस समस्या से निजात दिलाने के लिए पहल नहीं की जा रही है. ऐसे में मॉडल अस्पताल का दर्जा वाला अस्पताल कहना कहीं से उचित नहीं है. पानी जमा होने का कारण यह हैं कि अस्पताल परिसर बाहर पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है.
बारिश के बाद यूरिया की बढ़ी मांग
औरंगाबाद नगर. जिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आयी है. मौसम में हुए बदलाव से किसानों में एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है, जिस कारण खाद की दुकानों पर किसानों की भीड़ जुट रही है. जिले में बारिश के अभाव के कारण खेतों में बुआई का कार्य काफी पिछड़ चुका है. जिस कारण काफी किसान निराश दिखे. बावजूद यहां के किसानों ने डीजल पंप के सहारे बिचड़ा तैयार कर खेतों में धान की रोपनी करा दी.
इसके बाद बारिश नहीं होने के कारण खेतों में लगे धान के पौधे पीले पड़ने लगे थे, लेकिन मौसम में हुए बदलाव और पिछले पांच दिनों से रूक-रूक कर हो रही बारिश से किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आयी और किसान उत्साहित होकर अपनी खेती के कार्य में जुट गये.
सभी खेतों में सोहनी के बाद खाद डालने का कार्य किया जाने लगा, जिससे खाद की दुकानों में किसानों की काफी लंबी भीड़ लगने लगी. बिस्कोमान उर्वरक केंद्र पर सभी किसानों को उर्वरक पूर्ति हो इसके लिए एक दिन में एक किसान को पांच बोरी ही खाद दी जा रही है. किसानों का कहना है कि अभी से भी इंद्र भगवान कृपा बना दे तो खाने के अनाज का उत्पादन हो सकता है.
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