चार दिन बाद चार महीने के लिए थम जायेगी शहनाई की गूंज
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Jul 2019 6:44 AM (IST)
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मदनपुर : देवशयनी एकादशी के बाद चार महीने तक के लिए शहनाई की गूंज पूरी तरह से थम जायेगी. इस दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य नहीं होंगे. इस बार देवशयनी एकादशी 12 जुलाई को है. इन चार महीनों में वृहस्पति अस्त हो जाते हैं. वैसे तो इस साल विवाह के लिए कुल 12 […]
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मदनपुर : देवशयनी एकादशी के बाद चार महीने तक के लिए शहनाई की गूंज पूरी तरह से थम जायेगी. इस दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य नहीं होंगे. इस बार देवशयनी एकादशी 12 जुलाई को है. इन चार महीनों में वृहस्पति अस्त हो जाते हैं. वैसे तो इस साल विवाह के लिए कुल 12 शुभ लग्न है.
किंतु, आठ जुलाई के बाद वैवाहिक बंधन में बंधने के लिए लोगों को चार महीने का इंतजार करना होगा. विभिन्न पंचांगों के अनुसार आठ जुलाई को विवाह का आखिरी मुहूर्त है. जिसके बाद 12 जुलाई से वृहस्पति के अस्त होते ही चतुर्मास शुरू हो जायेंगे. इस दौरान भगवान विष्णु निंद्रा में चले जाते हैं. जिस कारण विवाह का कोई लगन नहीं रहता है.
आठ नवंबर को देवोत्थान एकादशी को भगवान विष्णु अपनी निंद्रा से जागेंगे और उसके बाद विवाद सहित अन्य लग्न का मुहूर्त शुरू हो जायेगा. शास्त्रों में बताया गया है कि आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन भगवान श्रीहरि छीर सागर की जगह पाताल लोक में बलि के द्वार पर विश्राम करने के लिए निवास करते हैं. यही कारण है कि इस व्रत का नाम देवशयनी एकादशी पड़ा है. देवोत्थान एकादशी से मांगलिक कार्य शुरू हो जायेंगे.
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