बिहार : औरंगाबाद में 10 लाख के जेवर लूटे, शक में आक्रोशित भीड़ ने ग्राहक को पीट कर मार डाला

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date

औरंगाबाद : बिहार में औरंगाबाद जिले के हसपुरा बाजार स्थित कन्हैया लाल ज्वेलर्स एंड ब्रदर्स ज्वेलरी दुकान में मंगलवार को दिनदहाड़े लुटेरों ने लाखों के जेवरात लूट लिये. दहशत फैलाने के उद्देश्य से बाजार में दो बम भी विस्फोट किये. घटना को अंजाम देने के बाद हवा में हथियार लहराते हुए लुटेरे पचरुखिया की ओर बाइक पर सवार होकर फरार हो गये. अपराधियों के जाने के बाद स्थानीय लोगों ने लुटेरों के शक में दो ग्राहकों को दबोच लिया और उनकी जम कर पिटाई कर दी. इनमें बिंदेश्वरी सिंह नामक एक व्यक्ति की मौत हो गयी और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया. उनकी पहचान फेसर थाना क्षेत्र के हुसैनाबाद निवासी रवि कुमार और कलेर थाना क्षेत्र के हासेडीह गांव के बिंदेश्वरी सिंह के रूप में की गयी. रवि कुमार को गया से पटना रेफर कर दिया गया.

पता चला है कि उक्त दोनों की पिटाई के दौरान सूचना पर पहुंची पुलिस ने बीच-बचाव कर दोनों को अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल के डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए दोनों को बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया रेफर कर दिया. गया में बिंदेश्वरी सिंह की मौत हो गयी, जबकि रवि कुमार को गया से पटना रेफर कर दिया गया. इधर, विंदेश्वरी सिंह की मौत के बाद बुधवार की सुबह हसपुरा बाजार में आक्रोशित परिजन व गांववाले पहुंच गये और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क को जाम कर आगजनी की.

आक्रोशितों का कहना था कि बिदेश्वरी सिंह लूट की घटना में शामिल नहीं थे, बल्कि रिश्तेदार की शादी के लिए जेवरात खरीदने आये थे. घायल रवि कुमार और बिंदेश्वरी सिंह रिश्ते में साले और बहनोई थे. आक्रोशित ज्वेलर्स और पिटाई करनेवाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने पर अड़ गये. बाजार में बवाल के बाद तमाम दुकानें बंद हो गयीं और चारों तरफ पुलिस का पहरा हो गया. हसपुरा थाने में कई घंटे तक हंगामे की स्थिति रही. मृतक के परिजन व्यवसायी के साथ-साथ पिटाई करनेवाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करने की मांग करने लगे.

घटना की सूचना पर पहुंचे एसडीपीओ संजय कुमार, एसडीओ अनीश अख्तर, इंस्पेक्टर केके साहनी सहित आसपास के थानों के थानाध्यक्ष पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया. आक्रोशित थानाध्यक्ष अरुण कुमार को हटाने की लगातार मांग कर रहे थे. किसी तरह मामला शांत हुआ.

कैसे हुई घटना
मंगलवार की दोपहर तीन बाइक पर सवार छह लुटेरे ग्राहक बन कर ज्वेलर्स दुकान में पहुंचे और व्यवसायी ऋषि खत्री और उनके भाई राजकुमार खत्री को जेवर खरीदने की बात कह कर बैठ गये. जैसे ही दुकानदार जेवर दिखाने लगा, वैसे ही लुटेरों ने सभी जेवर को कब्जे में कर दुकानदार की पिटाई शुरू कर दी. सारे जेवर लेकर जब लुटेरे दुकान से बाहर निकले, तो कुछ लोगों ने शक होने पर हंगामा शुरू कर दिया. देखते ही देखते भीड़ लगने लगी. इस बीच, हथियार लहराते हुए सभी लुटेरे फरार हो गये. दुकान से निकल रहे दो ग्राहकों को स्थानीय लोगों ने लुटेरे समझ कर पकड़ लिया और काफी देर तक उनकी पिटाई की.

इधर, एसडीपीओ और एसडीओ ने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन की जा रही है. अपराधियों को बख्शा नहीं जायेगा. इधर पता चला कि मृतक बिंदेश्वरी सिंह के भाई ने मामले की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. इसमें एक दर्जन से अधिक लोगों को आरोपित बनाया गया है.

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें