अरवल सदर अस्पताल में सर्जन की कमी, एक साल से बंद है ऑपरेशन सेवा

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PATNA NEWS

अरवल सदर अस्पताल

Arwal News: एक तरफ बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मिशन-60 क्वालिटी के तहत मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बात कर रही है, ताकि लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहरों या निजी क्लीनिकों का रुख न करना पड़े

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Arwal News: (निशिकांत) एक तरफ बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मिशन-60 क्वालिटी के तहत मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बात कर रही है, ताकि लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहरों या निजी क्लीनिकों का रुख न करना पड़े. वहीं दूसरी ओर अरवल सदर अस्पताल चिकित्सकों की भारी कमी से जूझ रहा है.

चिकित्सकों की कमी एक साल से बंद है ऑपरेशन सेवा

जिले के सबसे बड़े अस्पताल में एक भी सर्जन नहीं होने के कारण पिछले एक वर्ष से ऑपरेशन पूरी तरह बंद है. अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर तैयार होने के बावजूद सर्जन की नियुक्ति नहीं होने से मरीजों को शल्य चिकित्सा की सुविधा नहीं मिल पा रही है.

मरीजों को जाना पड़ रहा बाहर

सदर अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों और निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में संसाधन बढ़ाए गए हैं, लेकिन उसी अनुपात में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं.

संसाधन होने के बावजूद नहीं हो रही सर्जरी

अस्पताल में संसाधनयुक्त शल्य चिकित्सा कक्ष उपलब्ध है, फिर भी सर्जन के अभाव में किसी प्रकार का ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है. आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों को भी डॉक्टर रेफर करना ही बेहतर समझते हैं.

हर महीने 100 से अधिक मरीज हो रहे रेफर

सर्जन की कमी के कारण हर महीने 100 से अधिक मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है. इससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

विभाग को भेजी गई जानकारी

डॉ. राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि सर्जन की कमी की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई है. उन्होंने कहा कि सर्जन की नियुक्ति होते ही अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा फिर से शुरू कर दी जाएगी.

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करुणा तिवारी

लेखक के बारे में

By करुणा तिवारी

करुणा तिवारी पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और टीवी तथा डिजिटल मीडिया दोनों में व्यापक अनुभव रखती हैं. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन बिहार (Doordarshan Bihar) से की, जहां समाचारों की प्रस्तुति, रिपोर्टिंग और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर काम करते हुए उन्होंने पत्रकारिता की मजबूत नींव तैयार की. इसके बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर कदम बढ़ाया और बदलते न्यूज़ इकोसिस्टम के अनुरूप खुद को लगातार विकसित किया.

वर्तमान में करुणा तिवारी प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह बिहार की राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, मौसम,पर्यटन और समसामयिक मुद्दों पर तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं फीचर लेख तैयार करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर केवल सूचना तक सीमित न रहे, बल्कि पाठकों को उसका व्यापक संदर्भ और प्रभाव भी समझा सके.

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लगातार सीखने और खुद को बेहतर बनाने की सोच के साथ करुणा तिवारी आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता की नई तकनीकों और ट्रेंड्स को अपनाते हुए पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय कंटेंट पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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