रोहिणी नक्षत्र से पहले धान की तैयारी में जुटे किसान, बिचड़ा डालने की तैयारी तेज, पोर्टल बंद रहने से ऑनलाइन आवेदन अटका

Updated:
विज्ञापन
Arwal News

खेत की तस्वीर

Arwal News: (निशिकांत की रिपोर्ट) 25 मई से रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत होगी, जो आठ जून तक रहेगा. रोहिणी नक्षत्र को धान की खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

विज्ञापन

Arwal News: (निशिकांत की रिपोर्ट) 25 मई से रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत होगी, जो आठ जून तक रहेगा. रोहिणी नक्षत्र को धान की खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. जिले के किसान धान का बिचड़ा डालने की तैयारी में जुट गये हैं. लेकिन, मौसम साथ नहीं दे रहा है. साधन संपन्न किसान “आगे खेती, आगे-पीछे खेती भागे” कहावत के तर्ज पर खेतों की तैयारी कर रहे हैं. किसान खेतों में सिंचाई कर रहे हैं. पानी सूखने के बाद खेतों में गोबर डालकर जुताई की जायेगी. इसके बाद दोबारा सिंचाई कर पानी में जुताई की जायेगी.

रोहिणी नक्षत्र में बिचड़ा बेहतर, रोग लगने की संभावना कम

किसानों का मानना है कि रोहिणी नक्षत्र में तैयार किया गया बिचड़ा तेजी से बढ़ता है और उसमें रोग लगने की संभावना भी कम रहती है. किसानों ने बताया कि इस नक्षत्र में धान का बीज तैयार करने से रोपनी समय से शुरू हो जाती है. खेती-किसानी में नक्षत्र का विशेष महत्व माना जाता है और रोहिणी नक्षत्र किसानों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होता.

140 से 160 दिन वाली धान प्रजातियों की बुआई उपयुक्त

15 दिनों की यह अवधि धान का बिचड़ा लगाने के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. किसान रमेश सिंह, सुदर्शन शर्मा और अंजनी सिंह ने बताया कि 25 मई से आठ जून तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा. इस दौरान 140 से 160 दिन अवधि वाले धान प्रभेद का बीज खेतों में डाला जा सकता है. उन्होंने कहा कि रोहिणी नक्षत्र में बोये गये बिचड़ा से उपज बेहतर होती है और रोपनी समयानुसार हो जाती है. अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जल जमाव वाली जमीन के लिए लंबी अवधि वाले धान प्रभेद उपयुक्त माने जाते हैं. आमतौर पर किसान रोहिणी नक्षत्र में ही लंबी अवधि वाले धान का बिचड़ा डालते हैं.

खेत में सड़ा गोबर व वर्मी कंपोस्ट डालने की दी गयी सलाह

किसान सुनील कुमार, विजय सिंह, गुप्तेश्वर सिंह व सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि जिस खेत में नर्सरी डालनी हो, उसमें सड़ा हुआ गोबर व वर्मी कंपोस्ट अवश्य डालना चाहिए. इससे नर्सरी उखाड़ने में आसानी होती है और पौधे टूटने का डर कम रहता है. उन्होंने बताया कि लंबी अवधि वाली धान प्रजातियों की नर्सरी मई तक डाल देनी चाहिए, क्योंकि यह 130 से 150 दिनों में तैयार होती है. 25 जून तक मानसून आने पर यह रोपाई के लिए तैयार हो जायेगी. वहीं छोटी अवधि वाली प्रजातियों की नर्सरी 28 मई से आठ जून के बीच डालनी चाहिए. इधर, कृषि विभाग का पोर्टल नहीं खुलने के कारण धान बिचड़ा के लिए किसानों का ऑनलाइन आवेदन अभी शुरू नहीं हो सका है. पहले सूचना दी गयी थी कि 15 मई से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होगी, लेकिन अब तक पोर्टल नहीं खुलने से किसान बीज के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं.

also read: अरवल की 13 पंचायतों में सहयोग शिविर से दूर हुई ग्रामीणों की समस्याएं, हजारों लोगों को मिला योजनाओं का लाभ, डीएम ने किया निरीक्षण

विज्ञापन
करुणा तिवारी

लेखक के बारे में

By करुणा तिवारी

करुणा तिवारी पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और टीवी तथा डिजिटल मीडिया दोनों में व्यापक अनुभव रखती हैं. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन बिहार (Doordarshan Bihar) से की, जहां समाचारों की प्रस्तुति, रिपोर्टिंग और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर काम करते हुए उन्होंने पत्रकारिता की मजबूत नींव तैयार की. इसके बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर कदम बढ़ाया और बदलते न्यूज़ इकोसिस्टम के अनुरूप खुद को लगातार विकसित किया.

वर्तमान में करुणा तिवारी प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह बिहार की राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, मौसम,पर्यटन और समसामयिक मुद्दों पर तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं फीचर लेख तैयार करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर केवल सूचना तक सीमित न रहे, बल्कि पाठकों को उसका व्यापक संदर्भ और प्रभाव भी समझा सके.

डिजिटल पत्रकारिता में SEO-फ्रेंडली कंटेंट के अनुरूप समाचार लेखन और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए आकर्षक एवं उपयोगी कंटेंट लिखती है. वे समाचारों के लिए प्रभावशाली हेडलाइन, सटीक सबहेडिंग और पाठकों की जरूरत के अनुरूप सरल एवं स्पष्ट भाषा का उपयोग करती हैं. समयबद्धता, तथ्यों की पुष्टि और निष्पक्षता उनके कार्य की प्रमुख विशेषताएं हैं.

इन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों पर काम करना पसंद है. चुनावी गतिविधियों, सरकारी योजनाओं, स्थानीय समस्याओं और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी नजर रहती है. उनका मानना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज को सही, संतुलित और भरोसेमंद जानकारी उपलब्ध कराना भी है.

लगातार सीखने और खुद को बेहतर बनाने की सोच के साथ करुणा तिवारी आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता की नई तकनीकों और ट्रेंड्स को अपनाते हुए पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय कंटेंट पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन