भोजपुर: आर्मी की नौकरी छोड़ डेयरी शुरू की, अब हर महीने लाखों का कर रहें कारोबार, रोजगार सृजन में भी अव्वल

Updated:
विज्ञापन

समीर सिन्हा की फाइल फोटो

भोजपुर के समीर कुमार सिन्हा ने आर्मी की नौकरी छोड़कर स्वरोजगार का रास्ता चुना और एक सफल डेयरी व्यवसाय शुरू किया. आधुनिक सुविधाओं से लैस उनकी गौशाला से प्रतिदिन 200 लीटर दूध का उत्पादन होता है और वे छह लोगों को रोजगार दे रहे हैं.

विज्ञापन

Arrah Success Story: कहते हैं कि खुद को बुलंद करने का हुनर हर किसी में नहीं होता. जिनमें यह जज्बा होता है, वही अपनी अलग पहचान बनाते हैं. भोजपुर जिले के शाहपुर निवासी समीर कुमार सिन्हा उर्फ छोटू ने भी कुछ ऐसा ही कर दिखाया है. आर्मी में चयन होने के बावजूद उन्होंने नौकरी छोड़ स्वरोजगार का रास्ता चुना और आधुनिक डेयरी व्यवसाय शुरू किया. आज वह न केवल सफल डेयरी संचालक हैं, बल्कि आधा दर्जन लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं.

आर्मी की नौकरी छोड़ चुना स्वरोजगार

समीर कुमार सिन्हा ने वर्ष 2008 में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के जगजीवन कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उनका चयन भारतीय सेना में हो गया, लेकिन उन्होंने नौकरी करने के बजाय गांव में रहकर अपना व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया. इसी सोच के साथ उन्होंने डेयरी उद्योग को अपनाया.

आधुनिक सुविधाओं से लैस है गौशाला

शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या-6 में संचालित उनकी गौशाला आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है. यहां गाय और भैंसों के रखरखाव के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं. गर्मी में बड़े पंखे और कूलर, जबकि सर्दी में हीटर की व्यवस्था की गई है. दूध निकालने के लिए मिल्किंग मशीन का भी उपयोग किया जाता है. जरूरत पड़ने पर समीर स्वयं भी मशीन से दूध निकालते हैं.

Image

प्रतिदिन 200 लीटर दूध का उत्पादन

फिलहाल गौशाला में एक दर्जन से अधिक गाय और भैंस हैं. यहां प्रतिदिन करीब 200 लीटर दूध का उत्पादन होता है. इसमें लगभग 70 से 80 लीटर भैंस का दूध और 70 से 80 लीटर गाय का दूध शामिल है. स्थानीय लोग सीधे गौशाला पहुंचकर शुद्ध दूध खरीदते हैं.

छह लोगों को मिला रोजगार

डेयरी के संचालन, पशुओं की देखभाल, दूध उत्पादन और आपूर्ति के लिए छह लोगों को रोजगार मिला हुआ है. समीर के अनुसार सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें हर महीने लगभग 40 से 50 हजार रुपये की बचत होती है. उनका मानना है कि समेकित डेयरी प्रणाली अपनाने से आय में डेढ़ गुना तक वृद्धि की जा सकती है.

आरा: दूसरे जिलों और राज्यों को बालू भेजने का विरोध तेज, जाम और प्रदूषण से लोग परेशान

भविष्य में गोबर गैस प्लांट लगाने की योजना

समीर का लक्ष्य भविष्य में गांव के बाहरी इलाके में बड़े स्तर पर आधुनिक गौशाला स्थापित करना है. इसके साथ ही वह गोबर गैस प्लांट लगाने की भी योजना बना रहे हैं, ताकि डेयरी व्यवसाय के साथ ऊर्जा उत्पादन और अतिरिक्त रोजगार के अवसर भी पैदा किए जा सकें. उन्होंने बताया कि इस कार्य में उनके पिता बिनोद बिहारी सिन्हा उर्फ दिवानजी का भी पूरा सहयोग मिल रहा है.

Also Read: 'मनोज तिवारी फ्रॉड आदमी हैं', विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर का चैलेंज- हिम्मत है तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं


विज्ञापन
Mithileshwar Prasad Sin

लेखक के बारे में

By Mithileshwar Prasad Sin

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन