सहार में टीएचआर वितरण में गड़बड़ी को लेकर बीडीओ से की शिकायत

Published by : DEVENDRA DUBEY Updated At : 10 Jun 2025 6:52 PM

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आंगनबाड़ी सेविकाओं ने की बीडीओ से शिकायत

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सहार.

प्रखंड क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर वितरण होने वाली टीएचआर, बाल विकास परियोजना कार्यालय के पदाधिकारी एवं एसएफसी गोदाम प्रबंधन के नजराने की भेंट चढ़ गयी है, जिसके कारण मनमाने ढंग से पोषाहार का पैसा एवं चावल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे नाराज सेविकाओं के द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोरमा कुमारी से लिखित शिकायत की गयी है.

इस दौरान सेविका मीरा कुमारी, रिंकू देवी, पूजा कुमारी, नाजो बेगम, रम्भा कुमारी, अंतिभा कुमारी, सुशीला कुमारी, रीना कुमारी सहित अन्य ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को लिखित शिकायत की कि टीएचआर के वितरण के चावल के लिए हमलोग एसएफसी गोदाम सहार पर गये, जहां दो माह के चावल चार क्विंटल की जगह ढाई क्विंटल दिया जा रहा है. विरोध करने पर विभाग के द्वारा मानदेय कटौती एवं चयन मुक्त करने की धमकी दी जा रही है, जिसके कारण सेविका के समक्ष परेशानी उत्पन्न हो रही है. बता दें कि सरकार के द्वारा कुपोषण को दूर करने की उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से गर्भवती, मातृ तथा छह माह से छह साल के बच्चों के लिए पोषाहार उपलब्ध करायी जाती है, लेकिन नजराना के नाम पर दुधमुंहे बच्चे की मुंह का निवाला छिना जा रहा है. जानकार सूत्रों की मानें तो वरीय पदाधिकारी की उदासीनता के कारण टीएचआर के लगभग 30 प्रतिशत राशि नजराने के नाम पर काटी जाती है. पोषाहार की राशि के हिसाब से चावल के आवंटन किया जा रहा है, जहां पोषाहार की राशि नजराने पर कम या ज्यादा किया जा रहा है. एक सेविका ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 17563 एवं 16563 रुपये पोषाहार वाले को सात बोरा चावल,15563 को छह बोरा एवं 14563 रुपये पोषाहार वाले को पांच बोरा 40 किलो चावल दिया जा रहा है, लेकिन पोषाहार के रूप रेखा विभाग के द्वारा कार्यालय में बैठ कर ही किया जाता है, जिसके कारण उचित लाभुक योजना से वंचित हो रहे हैं. वहीं, एफसीआइ गोदाम प्रबंधन की भी शिकायत बराबर मिलने के बाद भी विभागीय पदाधिकारी मौन बने रहते हैं. विद्यालय के शिक्षक एवं जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों के द्वारा भी आवंटन से कम राशन देने के आरोप लगाये जाते हैं, जहां पदाधिकारी के दबाव के कारण डीलर मौन धारण कर लेते हैं. इस संबंध में सीडीपीओ रेणु कुमारी ने बताया कि बच्चों की उपस्थिति के आधार पर सुपरवाइजर की उपस्थिति में उचित मात्रा में चावल का वितरण किया जा रहा था. वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोरमा कुमारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है जांच-पड़ताल की जायेगी.

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