भरत तिवारी एनकाउंटर स्थल पर बना स्मारक, बिलौटी में लगा ‘भरत नगर’ का बोर्ड, ग्रामीणों ने गांव का नाम बदल कर दी श्रद्धांजलि
भरत तिवारी का पोस्टर
Bharta Tiwari Monument : भोजपुर के बिलौटी में भरत तिवारी की याद में गांव का नाम ‘भरत नगर’ रखा गया. ग्रामीणों ने बोर्ड लगाकर श्रद्धांजलि दी और स्मारक निर्माण शुरू किया. महापंचायत में हजारों लोग जुटे, कई राज्यों से भी पहुंचे समर्थक. घटना को लेकर प्रशासन के खिलाफ गुस्सा, जांच और कार्रवाई की मांग तेज.
Bharta Tiwari Monument : भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की याद में जवईनिया गांव के विस्थापितों ने गांव का नाम ‘भरत नगर’ कर दिया है. गांव के मुख्य रास्ते पर ‘भरत नगर’ का बड़ा बोर्ड लगा दिया गया है. बोर्ड पर साफ लिखा है कि आपका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा. शहीद भरत भूषण तिवारी. शहादत दिवस 17 जून 2026. इस फैसले के बाद पूरा इलाका भावुक माहौल में डूबा नजर आ रहा है.
बोर्ड लगाकर दी श्रद्धांजलि
ग्रामीणों ने ‘भरत नगर’ का बोर्ड लगाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. बोर्ड पर यह भी लिखा गया है कि शहीद भरत नगर जवइनिया किया गया है, सौजन्य से युवा परिवर्तन फाउंडेशन. बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे और सामूहिक रूप से यह बोर्ड लगाया. लोगों का कहना है कि भरत तिवारी गांव के हक की लड़ाई लड़ रहे थे. वे ग्रामीणों की बुनियादी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे.
सबकी सहमति से बदला गांव का नाम
ग्रामीणों ने बताया कि यह फैसला किसी एक का नहीं बल्कि पूरे गांव की सहमति से लिया गया है. यहां सैकड़ों विस्थापित परिवार रहते हैं. सभी ने मिलकर गांव का नाम ‘भरत नगर’ रखने का निर्णय लिया. लोगों का कहना है कि भरत तिवारी को कोई निजी स्वार्थ नहीं था. वे समाज के लिए जी रहे थे. उन्होंने अपनी जान भी समाज के लिए दे दी.
प्रशासन के खिलाफ गुस्सा
घटना को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश भी साफ दिख रहा है. खासकर एसडीएम को लेकर लोगों में नाराजगी है. ग्रामीणों का आरोप है कि भरत तिवारी की बात नहीं सुनी गई. उन्हें अपमानित कर कार्यालय से बाहर कर दिया गया. लोगों का कहना है कि अगर समय पर उनकी समस्याओं को सुना जाता तो शायद यह घटना नहीं होती. ग्रामीण एसडीएम पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
स्मारक निर्माण की तैयारी
भरत तिवारी की याद को स्थायी बनाने के लिए स्मारक निर्माण भी शुरू हो गया है. स्वामी आनंद स्वरूप ने बताया कि जिस जगह भरत तिवारी की मौत हुई थी, वहां भव्य महास्मारक बनाया जा रहा है. उन्होंने इसका शिलान्यास कर दिया है. स्मारक सफेद मार्बल से बनेगा. मार्बल पहुंचना भी शुरू हो गया है. कोशिश है कि ब्रह्मभोज तक इसे तैयार कर लिया जाए.
महापंचायत में उमड़ी भीड़
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत अब बड़ा जनआंदोलन बनता जा रहा है. सुबह से ही दूर-दूर से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया. गांव में जगह-जगह पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं. लोग तिरंगा लेकर और नारेबाजी करते हुए पहुंचे. आयोजन स्थल पर हजारों की भीड़ जुटने का दावा किया जा रहा है. युवाओं में खास उत्साह देखा गया. बड़ी संख्या में लोग न्याय की मांग को लेकर एकजुट हुए.
प्रशांत किशोर के पहुंचते ही बढ़ा उत्साह
महापंचायत में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी पहुंचे. उनके आते ही भीड़ में हलचल बढ़ गई. समर्थकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया. अब सभी की नजर उनके संबोधन और आगे की रणनीति पर टिकी हुई है.
कई राज्यों से पहुंचे लोग
आयोजन समिति के अनुसार इस कार्यक्रम में बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से भी लोग पहुंचे हैं. सैकड़ों गाड़ियों का काफिला इलाके में देखा गया. कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में हलचल बनी हुई है.
संगठनों की सक्रिय भागीदारी
महापंचायत में कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों की मौजूदगी भी देखी गई. करणी सेना, परशुराम महासभा, हिंदू महासभा, ब्राह्मण महासभा और हिंदू जागरण मंच के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए. आयोजन स्थल पर बड़े स्तर पर पंडाल, पानी, भोजन और पार्किंग की व्यवस्था की गई है.
भरत तिवारी की मौत अब सिर्फ एक घटना नहीं रही. यह एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बन चुका है. गांव का नाम बदलना, स्मारक बनाना और महापंचायत में उमड़ी भीड़ यह दिखाती है कि लोगों में आक्रोश और भावनाएं दोनों चरम पर हैं. अब सबकी नजर जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Ragini Sharma
मैं रागिनी शर्मा वर्तमान में पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की. इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










