वीकेएसयू न्यूज: एकलव्य व तरंग फंड की राशि का मांगा ब्योरा, छात्रों का राज्यपाल से मिलने की मांग

Updated:
विज्ञापन
arrah news

आरा के वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय ने एकलव्य और तरंग फंड में छात्रों से ली गई राशि का ब्योरा सभी विभागों व कॉलेजों से सात दिनों में मांगा है. वहीं पूर्व सीनेटर अजय कुमार तिवारी ‘मुनमुन’ ने छात्र समस्याओं को लेकर राज्यपाल से छात्र शिष्टमंडल को मिलने का समय देने की मांग की है.

विज्ञापन

Arrah News: वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय प्रशासन ने एकलव्य एवं तरंग योजना के नाम पर छात्रों से ली गई राशि को लेकर सख्ती दिखाई है. विश्वविद्यालय के अध्यक्ष छात्र कल्याण ओपी राय ने सभी पीजी विभागों, अंगीभूत महाविद्यालयों एवं संबद्ध कॉलेजों को पत्र जारी कर इन मदों में ली गई राशि का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित विभाग और कॉलेज पत्र प्राप्ति के सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराएं. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कदम वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों से अतिरिक्त शुल्क वसूली की शिकायतों की जांच के उद्देश्य से उठाया गया है.

निर्धारित समय पर जवाब दें नहीं तो स्पष्टीकरण

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा में रिपोर्ट नहीं सौंपने वाले विभागों एवं कॉलेजों से स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है. विश्वविद्यालय की इस कार्रवाई को छात्र संगठनों ने भी छात्रहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है.

छात्र हित के मुद्दों पर राज्यपाल से मिलने की मांग

अजय कुमार तिवारी ‘मुनमुन’ ने महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति को पत्र भेजकर चार सदस्यीय छात्र शिष्टमंडल को मिलने का समय देने की मांग की है. उन्होंने अपने पत्र में बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में नामांकन के दौरान इक्वलाइजेशन एवं अन्य मदों में अतिरिक्त शुल्क लिए जाने और पिछले छह वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने का मुद्दा उठाया है.

छात्रसंघ चुनाव नहीं होने से छात्रों की समस्याएं हो रहीं अनसुनी

पूर्व सीनेटर ने कहा कि कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को इन समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. उन्होंने राज्यपाल से छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के लिए छात्र प्रतिनिधिमंडल को समय देने का अनुरोध किया है. छात्र संगठनों का कहना है कि यदि राज्यपाल छात्रों की समस्याओं को सुनेंगे तो विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा छात्रहित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकेंगे.

इसे भी पढ़ें: पूर्वी चंपारण, मधुबनी समेत बिहार के 5 जिलों को मिलेंगे नए पुलिस कप्तान, गृह विभाग का आदेश जारी

विज्ञापन
निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन