भोजपुर में मेलोडी चॉकलेट की बढ़ी दीवानगी; युवा बोले- अब डेयरी मिल्क नहीं, मेलोडी करेंगे गिफ्ट

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भोजपुर में मेलोडी चॉकलेट की बढ़ी दीवानगी; युवा बोले- अब डेयरी मिल्क नहीं, मेलोडी करेंगे गिफ्ट

मेलोडी चॉकलेट को लेकर बात करते ग्राहक और दुकानदार

Arrah News: इंटरनेट और सोशल मीडिया का गजब ट्रेंड भोजपुर के बाजारों में देखने को मिल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की वायरल तस्वीर के बाद जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में अचानक ‘मेलोडी’ चॉकलेट की मांग में जबरदस्त उछाल आ गया है.

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Arrah News (आनंद प्रकाश) : आज के डिजिटल दौर में किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का असर सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सुदूर ग्रामीण इलाकों के बाजारों में भी साफ दिखने लगता है. इन दिनों सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की एक खास तस्वीर मेलोडी चॉकलेट देते हुए जबरदस्त तरीके से वायरल हो रही है. इस हाई प्रोफाइल इंटरनेट ट्रेंड का सीधा और दिलचस्प असर अब भोजपुर जिले के शहरी और ग्रामीण बाजारों में देखने को मिल रहा है.

जो मेलोडी चॉकलेट अब तक आम दिनों में महज एक साधारण टॉफी समझी जाती थी, उसकी मांग में अचानक रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो गई है. बच्चे हों या युवा, हर कोई दुकानों पर जाकर विशेष रूप से 1 रुपये वाली मेलोडी टॉफी मांग रहा है. इसके चलते स्थानीय किराना दुकानों पर इस चॉकलेट का स्टॉक खत्म होने की नौबत आ गई है.

साधारण से खास बनी टॉफी, मांग में आया भारी उछाल

स्थानीय दुकानदारों की मानें तो पहले इस चॉकलेट की बिक्री बेहद सामान्य थी. चरपोखरी के एक प्रमुख किराना व्यवसायी मोहित कुमार ने बताया कि पहले मेलोडी चॉकलेट का एक डिब्बा बिकने में हफ्ते-दस दिन लग जाते थे, क्योंकि लोग इसे एक साधारण टॉफी की तरह देखते थे. लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से अचानक मांग इतनी बढ़ गई है कि हर दूसरा बच्चा और युवा मेलोडी ही मांग रहा है. अब तो प्रतिदिन दो डिब्बे बिक रहे हैं और हमें नया स्टॉक मंगवाना पड़ रहा है.

वहीं आरा शहर के जीरो माइल स्थित एक दुकानदार दिवाकर कुमार का कहना है कि सोशल मीडिया के मीम्स ने इस चॉकलेट का ऐसा मुफ्त प्रचार किया है कि लोग कौतूहलवश भी इसे खरीदने दुकान पर आ रहे हैं.

क्या कहते हैं स्थानीय युवा, ग्राहक और दुकानदार

जब देश के प्रधानमंत्री यानी इतने बड़े सर्वोच्च पद पर तैनात व्यक्ति द्वारा किसी दूसरे देश की प्रधानमंत्री को यह चॉकलेट गिफ्ट दी जा रही है, तो वाकई में यह चॉकलेट बेहद शानदार होगी.
— अमित कुमार, नगरांव

इस वायरल तस्वीर ने चॉकलेट को लेकर हम युवाओं की सोच बदल दी है. अब तक हम दोस्तों के जन्मदिन या किसी खास मौके पर महंगे ब्रांड्स जैसे डेरी मिल्क आदि की चॉकलेट देते थे. लेकिन अब हम मेलोडी चॉकलेट ही गिफ्ट करने का प्रयास करेंगे.
— सुजीत कुमार, चरपोखरी

इंटरनेट पर मोदी-मेलोनी की तस्वीर देखने के बाद हम सभी दोस्त दुकान पर सिर्फ यह देखने आए कि मेलोडी का स्वाद कैसा है. यह चॉकलेट अब एक बड़ा ब्रांड एंबेसडर पा चुकी है.
— दिवाकर सिंघनिया, चरपोखरी

यह कमाल की बात है कि दिल्ली या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलने वाला कोई ट्रेंड हमारे गांव की गुमटी तक को प्रभावित कर देता है. मेलोडी चॉकलेट की मांग बाजार में इस कदर बढ़ जाएगी, यह किसी ने नहीं सोचा था. इसका क्रेज देखकर ही मैंने आज पूरा एक पैकेट खरीदा है.
— मनमोहन मल्होत्रा, बड़हरा

शुरुआत में समझ नहीं आया कि अचानक मेलोडी की मांग क्यों बढ़ी. जब ग्राहकों ने मोबाइल पर पीएम मोदी वाली वायरल फोटो दिखाई तब माजरा समझ आया. अब हमें थोक मंडी से इसका एक्स्ट्रा स्टॉक एडवांस में मंगवाना पड़ रहा है.
— मोहित कुमार, दुकानदार (चरपोखरी)

पहले मेलोडी टॉफी का एक डिब्बा बिकने में हफ़्ता भर लग जाता था, लेकिन पिछले दो दिनों से बच्चे और युवा चिल्लर लेकर इसी को ढूंढ रहे हैं. हर कोई आकर पूछता है कि मोदी जी वाली टॉफी है क्या? बिक्री अचानक दोगुनी-तिगुनी हो गई है.
— प्रदीप कुमार, दुकानदार (चरपोखरी)

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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