भोजपुर के तरारी में भाकपा-माले का धरना-प्रदर्शन, भूमिहीनों को जमीन देने और मनरेगा मजदूरी 700 रुपये करने की उठी मांग
धरना-प्रदर्शन करते भाकपा-माले के कार्यकर्ता
Arrah CPI ML Protest : भोजपुर के तरारी प्रखंड कार्यालय पर भाकपा माले और खेग्रामस के बैनर तले धरना-प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारियों ने भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा और जमीन देने, मनरेगा मजदूरी 700 रुपये प्रतिदिन करने, पेंशन बढ़ाने तथा राशन सूची से नाम कटौती रोकने की मांग उठाई.
तरारी (भोजपुर) से नारायण त्रिपाठी की रिपोर्ट
Arrah CPI ML Protest : भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड मुख्यालय पर गुरुवार को भाकपा-माले एवं खेग्रामस के बैनर तले विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया. “हक दो, वादा निभाओ, हर हाथ को काम दो, काम का उचित दाम दो” अभियान के तहत आयोजित धरना में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे दर्जनों लोगों ने हिस्सा लिया.
भूमिहीनों को जमीन और बासगीत पर्चा देने की मांग
धरना को संबोधित करते हुए माले प्रखंड सचिव उपेंद्र भारती ने कहा कि गरीबों, मजदूरों और भूमिहीनों के अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है. उन्होंने मांग की कि प्रखंड के विभिन्न गांवों में रहने वाले भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन और बासगीत पर्चा उपलब्ध कराया जाए.
मनरेगा मजदूरी बढ़ाने की उठी मांग
धरना के दौरान मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बढ़ाकर 700 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की गई. वक्ताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान मजदूरी दर मजदूरों के लिए पर्याप्त नहीं है. सरकार को मजदूरों के हित में तत्काल कदम उठाना चाहिए.
खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराने तथा उसकी कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की. साथ ही राशन सूची से लाभुकों का नाम काटने पर रोक लगाने और सभी पात्र लोगों को राशन योजना का लाभ देने की मांग की गई.
पेंशन बढ़ाने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग
धरना में वृद्धजन, विधवाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी उठाई गई. इसके अलावा सभी दलित बस्तियों में सड़क, पेयजल एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई. धरना-प्रदर्शन में संजय कुमार, दिनेश राम, रामदयाल पंडित, मो. जमालु अंसारी, सुरेंद्र राम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे.
इसे भी पढ़ें : भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच करेंगे पटना HC के रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा, कैबिनेट ने दी मंजूरी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Nikhil Anurag
मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










