भरगामा के पासवान टोला में सड़क बनी तालाब, हाथ में जूता-चप्पल लेकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे
Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 09 Jun 2026 3:44 PM
भरगामा के पासवान टोला में जमा पानी
Road Damaged: अररिया जिले के भरगामा प्रखंड मुख्यालय से महज कुछ दूरी पर स्थित पासवान टोला की मुख्य सड़क पिछले कई महीनों से जलजमाव (Waterlogging) के कारण नारकीय बन चुकी है. सड़क पर 300 मीटर से अधिक दूर तक फैले गंदे पानी और जानलेवा कीचड़ के कारण स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों से लेकर आम राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन और मुखिया के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है.
भरगामा (अररिया) से राष्ट्र भूषण पिंटू की रिपोर्ट
Road Damaged: बिहार सरकार जहां ग्रामीण सड़कों को मुख्य मार्ग और विकास से जोड़ने के कड़े दावे करती है, वहीं अररिया जिले के भरगामा प्रखंड से इन दावों की पोल खोलती एक बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. प्रखंड मुख्यालय से बिल्कुल सटे पासवान टोला की मुख्य संपर्क सड़क पिछले लंबे समय से जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो चुकी है. सड़क पर करीब तीन सौ मीटर (300m+) से अधिक दूरी तक नाली और बारिश का सड़ा हुआ पानी जमा है. इस विकट स्थिति के कारण टोले के लोगों का पैदल चलना भी पूरी तरह दूभर हो गया है. सबसे बदतर स्थिति स्कूली बच्चों की है, जिन्हें प्रतिदिन इसी बदबूदार पानी से होकर कड़े संघर्ष के साथ गुजरना पड़ता है. प्रशासनिक तंत्र और स्थानीय त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधियों की इस घोर उदासीनता को लेकर अब स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है.
हाथ में जूता-चप्पल टांगकर स्कूल जाने की कड़क मजबूरी; चोटिल हो रहे राहगीर
- मासूमों की शिक्षा पर कड़ा प्रहार: इस मुख्य सड़क से सटा हुआ ‘उत्क्रमित उच्च विद्यालय आदिरामपुर’ स्थित है. पासवान टोला के सैकड़ों बच्चे इसी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने जाते हैं. सड़क पर घुटने भर पानी जमा होने के कारण इन मासूम छात्र-छात्राओं को रोज सुबह-शाम अपने जूते-चप्पल हाथों में उठाने पड़ते हैं और गंदे पानी में पैर डुबोकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे बच्चों में संक्रमण (त्वचा रोग) का खतरा बढ़ गया है.
- गड्ढों में समाई सड़क: जलजमाव के कारण सड़क के भीतर बने बड़े-बड़े गड्ढे राहगीरों को दिखाई नहीं देते. इस वजह से आए दिन साइकिल सवार, बुजुर्ग और महिलाएं असंतुलित होकर गंदे पानी में गिरकर चोटिल हो रहे हैं.
700 की आबादी त्रस्त; मुखिया का बनाया नाला निकला ‘मृतप्राय’
करोड़ों का नाला बना बेकार: स्थानीय ग्रामीण आशीष कुमार, दिलीप पासवान, अनिल पासवान और मदन पासवान ने संयुक्त रूप से कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए पूर्व में स्थानीय मुखिया द्वारा सड़क के किनारे नाले का निर्माण तो कराया गया था. लेकिन तकनीकी गड़बड़ी और नियमित सफाई न होने के कारण वह नाला वर्तमान में पूरी तरह जाम और मृतप्राय (बेकार) हो चुका है. नाले का पानी निकासी होने के बजाय वापस सड़क पर ही ओवरफ्लो कर रहा है.
पासवान टोला की वर्तमान सामाजिक और भौगोलिक स्थिति का ब्योरा नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:
| प्रभावित क्षेत्र व टोला | प्रभावित कुल अनुमानित आबादी | जलजमाव का मुख्य कारण | सबसे ज्यादा प्रभावित वर्ग |
| पासवान टोला (भरगामा) | करीब 700 नागरिक | * मुखिया के नाले का चोक होना * प्रशासनिक मॉनिटरिंग का अभाव | * उत्क्रमित उच्च विद्यालय आदिरामपुर के छात्र * बुजुर्ग व महिला राहगीर |
जलजमाव से अविलंब मुक्ति और नाला सफाई की पुरजोर मांग:
- सक्शन मशीन से पानी की निकासी: मानसून की भारी बारिश शुरू होने से पहले सड़क पर जमा इस सड़े हुए पानी को सक्शन पंप के जरिए तत्काल बाहर फेंका जाए.
- नाले का जीर्णोद्धार: मृतप्राय हो चुके नाले की कड़ाई से पोकलेन या सफाई कर्मियों के माध्यम से उड़ाही (सफाई) कराई जाए, ताकि पानी का बहाव सुचारू हो सके.
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रखंड प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस जलजमाव को तत्काल दूर करने के लिए धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे आदिरामपुर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर उग्र प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार करने को विवश होंगे.
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लेखक के बारे में
By Divyanshu Prashant
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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