रिश्वत लेना पड़ा महंगा, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के हत्थे चढ़े अररिया के कई बड़े अधिकारी

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निगरानी विभाग की गिरफ्त में जीएम

अररिया जिले में सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस (निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) का अभियान तेज हो गया है. अवैध कमाई करने वाले कई अधिकारी अब सलाखों के पीछे हैं. हाल ही में उद्योग विभाग के महाप्रबंधक को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है.

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अररिया जिले में सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर विजिलेंस (निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. अवैध कमाई और घूसखोरी को आसान जरिया समझने वाले कई जिम्मेदार अधिकारी अब जेल की सलाखों के पीछे हैं. बीते दिनों उद्योग विभाग के महाप्रबंधक (GM) की रंगेहाथ हुई गिरफ्तारी के बाद से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप व्याप्त है. बीते चार वर्षों में निगरानी ने अररिया में ग्रामीण कार्य विभाग, प्रखंड प्रशासन और राजस्व विभाग के कई बड़े अधिकारियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है.

हालिया मामला: उद्योग विभाग के जीएम 50 हजार की घूस लेते धराए

निगरानी ब्यूरो की टीम ने जिला मुख्यालय अररिया के शिवपुरी (वार्ड संख्या 09) स्थित उद्योग विभाग के महाप्रबंधक अनिल कुमार मंडल के किराये के मकान पर अचानक छापेमारी की.

आरोप के मुताबिक, उन्होंने एक मशीन सप्लायर से 17 लाख रुपये की मशीनरी आपूर्ति की फाइल पास करने के एवज में 5 प्रतिशत (85 हजार रुपये) कमीशन की मांग की थी. सौदे के तहत पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए जीएम को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया. इस कार्रवाई का नेतृत्व निगरानी डीएसपी सतीश चंद्र माधव ने किया.

पिछले वर्षों में विजिलेंस के हत्थे चढ़े प्रमुख अधिकारी

अररिया जिले में बीते चार सालों के दौरान निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की गई कुछ सबसे बड़ी और चर्चित कार्रवाइयां इस प्रकार हैं:

  • 20 मई 2025 (रानीगंज बीडीओ व सहायक): निगरानी टीम ने रानीगंज प्रखंड मुख्यालय में छापेमारी कर तत्कालीन बीडीओ रीतम लाल चौहान और कार्यपालक सहायक आदित्य प्रियदर्शी को 1.5 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत लेते हुए दबोचा था.
  • जनवरी 2026 (राजस्व अधिकारी निलंबित): नरपतगंज प्रखंड के फरही ग्राम पंचायत में तैनात राजस्व अधिकारी मो. इम्तियाज आलम को 15 हजार रुपये की घूस लेते पकड़ा गया, जिन्हें तुरंत निलंबित कर दिया गया था.
  • 04 अगस्त 2022 (ग्रामीण कार्य विभाग पर छापा): निगरानी के धावा दल ने ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक अभियंता हेमचंद्र लाल कर्ण को 62 हजार रुपये और फुलेश्वर रजक को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा था.

संदेश साफ: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति

निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आम जनता से सरकारी काम और योजनाओं के नाम पर अवैध वसूली करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.

लगातार हो रही इन बड़ी गिरफ्तारियों से जिला प्रशासन के अन्य विभागों में हड़कंप मच गया है और अफसरों के बीच सतर्कता बढ़ गई है. वर्तमान में गिरफ्तार सभी अधिकारियों के खिलाफ निगरानी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.


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राहुल सिंह

लेखक के बारे में

By राहुल सिंह

राहुल सिंह प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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