नेशनल रैंकिंग में आना तो दूर, आवेदन करने की स्थिति में नहीं हैं बिहार के यूनिवर्सिटी और कॉलेज

Updated at : 18 Jul 2022 9:34 AM (IST)
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नेशनल रैंकिंग में आना तो दूर, आवेदन करने
की स्थिति में नहीं हैं बिहार के यूनिवर्सिटी और कॉलेज

राज्य के किसी भी विश्वविद्यालय व कॉलेज को नेशनल रैकिंग प्राप्त नहीं है. स्थिति ऐसी है कि नेशनल रैकिंग तो दूर उसके लिए आवेदन करने तक करने की स्थिति में राज्य के विवि व कॉलेज नहीं हैं. समस्या यह है कि नेशनल रैंकिंग में जाने के लिए नैक मान्यता प्राप्त होना बहुत जरूरी है.

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पटना. राज्य के किसी भी विश्वविद्यालय व कॉलेज को नेशनल रैकिंग प्राप्त नहीं है. स्थिति ऐसी है कि नेशनल रैकिंग तो दूर उसके लिए आवेदन करने तक करने की स्थिति में राज्य के विवि व कॉलेज नहीं हैं. समस्या यह है कि नेशनल रैंकिंग में जाने के लिए नैक मान्यता प्राप्त होना बहुत जरूरी है. राज्य में सिर्फ दो ही विवि को नैक में मान्यता प्राप्त है. वहीं एक भी विवि ऐसा नहीं है, जिसे नैक में ‘ए’ या ‘ए प्लस’ ग्रेड प्राप्त हो. सिर्फ पटना विवि को नैक में ‘बी प्लस’ ग्रेड प्राप्त है, लेकिन विवि ने आवेदन नहीं किया. चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी की नैक मान्यता समाप्त थी और चूंकि अभी नैक में ‘बी’ ग्रेड प्राप्त हुआ है. वह भी इस सत्र के लिए आवेदन नहीं कर सका था.

पटना विवि अगली नेशनल रैंकिंग में लेगा भाग

पटना विश्वविद्यालय नेशनल रैंकिंग के लिए आवेदन कर सकता है. नैक में बी प्लस ग्रेड मिलने के बाद ही विवि के द्वारा उसके लिए आवेदन करने की बात कही जा रही है. लेकिन विगत कुछ वर्षों में कोरोना व कुछ अन्य वजहों से ऐसा विवि नहीं कर पाया. लेकिन विवि अगली प्रक्रिया के लिए आवेदन करने को लेकर तैयारी कर रहा है. पटना विश्वविद्यालय के स्टूडेट्स वेलफेयर डीन प्रो अनिल कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय नैक में बी प्लस मान्यता प्राप्त है और नेशनल रैंकिंग के लिए आवेदन कर सकता है.

ये हैं महत्वपूर्ण बिंदु, जिन पर करना होगा काम

  • कुरिकुलम : सीबीसीएस व नयी शिक्षा नीति के पॉलिसी को ठीक प्रकार से लागू करना, कोर्स स्ट्रक्चर आदि

  • स्टूडेंट्स परफॉर्मेंस : छात्रछात्राओं का ओवरऑल परफॉर्मेंस, न सिर्फ रिजल्ट बल्कि स्पोर्ट्स, प्लेसमेंट, डिसिप्लिन, उपस्थिति

  • शिक्षक : क्वालिफाइड शिक्षकों की पर्याप्त संख्या, शिक्षक-छात्र रेशियो का बेहतर होना, शिक्षकों का ओवरऑल परफॉर्मेंस

  • शोध : छात्रों व शिक्षकों के द्वारा शोध प्रोजेक्ट्स कितने किये गये, क्या कुछ नया किया गया, कितने रिसर्च आर्टिकल पब्लिश हुए और कितने छात्रों ने पीएचडी पूरा किया

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर : अच्छा कैंपस, पर्याप्त व सुविधायुक्त क्लास रूम, लैब, लाइब्रेरी, इ-लाइब्रेरी, लैंग्वेज लैब, जिम, हॉल, प्ले ग्राउंड आदि

  • एक्सटेंशन कार्यक्रम : कैंपस के बाहर किस तरह के कार्यक्रमों में विविकितना सक्रिय है.

पूर्व कुलपति बोले- गंभीर होकर ओर प्रयास की आवश्यकता

जो विवि व कॉलेज नैक में मान्यता प्राप्त हैं, उन्हें नेशनल रैंकिंग के लिए आवेदन करना चाहिए. नैक रैंकिंग के लिए उपयुक्त बिंदुओं के साथ कई और चीजों पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी. इसके लिए सिर्फ विवि ही नहीं सरकार को भी आगे आने होगा और समेकित प्रयास की जरूरत है. कई स्टेट विवि नेशनल रैंकिंग के लिए आवेदन करते हैं, और रैंकिंग में आ रहे हैं. राज्य के विवि अभी इसमें कोसों दूर हैं. गंभीर होकर ओर प्रयास की आवश्यकता है.

-प्रो रास बिहारी सिंह, पूर्व कुलपति, पटना विश्वविद्यालय

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