क्रिकेट में कैसे आया था ‘मांकडिंग’ शब्द? जानिए उस पहले रन आउट की कहानी, जिसने दिया यह नाम

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वीनू मांकड़ (फोटो—एक्स)

'जेंटलमैन के गेम' क्रिकेट में 'मांकडिंग' शब्द का जन्म कैसे हुआ? महान खिलाड़ी वीनू मांकड़ और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बिल ब्राउन के बीच 1947 में हुई वह घटना जिसने इस रनआउट को नया नाम दिया. जानिए इस विवादास्पद रनआउट की पूरी कहानी.

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Vinoo Mankad : क्रिकेट को अक्सर ‘जेंटलमैन का गेम’ कहा जाता है. लेकिन इसी खेल में एक ऐसा रनआउट भी है, जिसका नाम ही एक खिलाड़ी के नाम पर पड़ गया. आखिर क्रिकेट में ‘मांकडिंग’ शब्द कैसे आया और इसकी शुरुआत कहां से हुई? इसके पीछे कहानी भारतीय क्रिकेट के महान ऑलराउंडर वीनू मांकड़ और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बिल ब्राउन से जुड़ी है.

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1947 में ऑस्ट्रेलिया में हुई थी वह घटना

‘मांकडिंग’ शब्द की कहानी साल 1947 से जुड़ी है. भारत के महान क्रिकेटर वीनू मांकड़ ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे. इसी दौरान उन्होंने नॉन-स्ट्राइकर एंड पर मौजूद बिल ब्राउन को गेंद डाले जाने से पहले क्रीज से बाहर निकलते देखा. मांकड़ ने गेंद फेंकने के बजाय विकेट की गिल्लियां बिखेर दीं और ब्राउन को रन आउट कर दिया. यह पहली बार नहीं था जब ब्राउन इस तरह क्रीज से बाहर निकले थे. इससे पहले भी मांकड़ ने उन्हें इसी तरह की स्थिति को लेकर चेतावनी दी थी. इसके बावजूद जब ब्राउन दोबारा गेंद डाले जाने से पहले क्रीज से बाहर निकले, तो मांकड़ ने उन्हें रन आउट कर दिया. इस घटना की ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में काफी चर्चा हुई. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान डॉन ब्रैडमैन ने बाद में मांकड़ का बचाव भी किया और कहा कि उन्होंने नियमों के मुताबिक ही कार्रवाई की थी. यहीं से इस तरह के रन आउट को धीरे-धीरे ‘मांकडिंग’ के नाम से जाना जाने लगा.

वीनू मांकड़ ने कोई नया नियम नहीं बनाया था

इस कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि वीनू मांकड़ ने कोई नया नियम नहीं बनाया था. उन्होंने उस समय लागू क्रिकेट कानून के तहत ही बल्लेबाज को रन आउट किया था. नॉन-स्ट्राइकर बल्लेबाज का गेंद डाले जाने से पहले अपनी क्रीज से बाहर निकलना नियमों के तहत जोखिम भरा था. अगर गेंदबाज उस समय विकेट गिरा देता था, तो बल्लेबाज को रन आउट दिया जा सकता था. लेकिन इस तरीके को लेकर विवाद इसलिए पैदा हुआ क्योंकि गेंदबाज को गेंद फेंकने के बजाय नॉन-स्ट्राइकर की गिल्लियां बिखेरने का विकल्प मिलता था. कुछ लोगों ने इसे नियमों के भीतर माना, जबकि कुछ ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया.

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क्या मांकडिंग खेल भावना के खिलाफ था?

यही सवाल क्रिकेट में लंबे समय तक बहस का विषय रहा. नियम गेंदबाज को नॉन-स्ट्राइकर बल्लेबाज के क्रीज से बाहर निकलने पर रन आउट करने की अनुमति देते रहे. लेकिन क्रिकेट सिर्फ कानूनों का खेल नहीं है. इसके साथ ‘स्पिरिट ऑफ क्रिकेट’ यानी खेल भावना भी जुड़ी हुई है. इसी वजह से कई मौकों पर गेंदबाजों ने बल्लेबाज को चेतावनी दी, जबकि कुछ मामलों में खिलाड़ियों ने नियम के तहत रन आउट करने के बावजूद अपील वापस भी ली.

दूसरी ओर, कुछ खिलाड़ियों और कप्तानों ने साफ कहा कि अगर बल्लेबाज गेंद डाले जाने से पहले क्रीज छोड़ता है, तो उसे आउट करना नियमों के भीतर है और इसमें गलत कुछ नहीं है. यानी बहस हमेशा एक ही रही-नियम सही है, लेकिन क्या उसका इस्तेमाल उसी तरह करना खेल भावना के मुताबिक भी सही है?

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अश्विन और बटलर का विवाद फिर ले आया चर्चा में

मांकडिंग को लेकर आधुनिक क्रिकेट की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक आईपीएल 2019 की है. राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मुकाबले में पंजाब के कप्तान रविचंद्रन अश्विन ने राजस्थान के बल्लेबाज जोस बटलर को नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रन आउट कर दिया. बटलर गेंद डाले जाने से पहले क्रीज से बाहर निकल गए थे. अश्विन ने गेंद फेंकने के बजाय उनकी गिल्लियां बिखेर दीं और अंपायर ने उन्हें रन आउट दे दिया. घटना के बाद क्रिकेट जगत में इस पर जमकर बहस हुई. कुछ लोगों ने अश्विन का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने नियमों के मुताबिक विकेट लिया. वहीं, दूसरे पक्ष का मानना था कि उन्हें चेतावनी देनी चाहिए थी या अपील वापस लेनी चाहिए थी.

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2022 में बदल गई नियमों की भाषा

‘मांकडिंग’ को लेकर सबसे बड़ा बदलाव साल 2022 में आया. मेरिलबोन क्रिकेट क्लब यानी MCC ने नॉन-स्ट्राइकर एंड पर इस तरह के रन आउट से जुड़े नियम को ‘Unfair Play’ वाले कानून से हटाकर Law 38 यानी Run out का हिस्सा बना दिया. इस बदलाव का मतलब यह था कि नॉन-स्ट्राइकर एंड पर बल्लेबाज को रन आउट करना अब अलग तरह के डिसमिसल के रूप में नहीं, बल्कि सामान्य ‘Run out’ कानून के तहत देखा जाएगा. इसी बदलाव के बाद आधिकारिक क्रिकेट कानूनों में ‘Mankad’ या ‘Mankading’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाता. हालांकि, क्रिकेट की आम भाषा और मीडिया में यह नाम आज भी बेहद लोकप्रिय है.

नॉन-स्ट्राइकर को रन आउट करने का नियम क्या कहता है?

सरल भाषा में समझें तो नॉन-स्ट्राइकर बल्लेबाज को अपनी क्रीज में रहना होता है. अगर वह गेंदबाज के गेंद छोड़ने से पहले क्रीज से बाहर निकल जाता है और गेंदबाज विकेट गिरा देता है, तो उसे रन आउट दिया जा सकता है. इस नियम का मकसद बल्लेबाज को गेंदबाज के गेंद छोड़ने से पहले अनुचित बढ़त लेने से रोकना भी है. यही वजह है कि आज क्रिकेट में इसे सिर्फ ‘मांकडिंग’ के विवाद के रूप में देखने के बजाय नियमों के संदर्भ में समझना ज्यादा सही है.

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