India vs Pakistan: 2004 के बाद भारत-पाकिस्तान क्रिकेट की बदल गई सूरत, इस एक मैच ने बढ़ा दी जीत की भूख
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 14 Oct 2023 1:04 PM
India vs Pakistan: 2004 में भारतीय टीम सौरव गांगुली की कप्तानी में पाकिस्तान का दौरा किया था. उस समय के तात्कालिक प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय टीम से कहा था, सीरीज और दिल दोनों जीतकर लौटना. दोनों देशों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला कराची में खेला गया था.
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आज वर्ल्ड कप 2023 (ICC Cricket World Cup 2023 ) का सबसे हाई वोल्टेज मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा. मुकाबला 2 बजे से खेला जाना है, लेकिन उससे पहले ही क्रिकेट प्रेमियों में इसका बुखार पूरी तरह से चढ़ चुका है. जब भी दोनों टीमें आमने-सामने होती हैं, तो दोनों देशों के क्रिकेट प्रेमियों में इमोशन और रोमांच उबाल पर होता है. दोनों देशों में क्रिकेट को अलग धर्म के रूप में पूजा जाता है. हर कोई यही चाहता है, उसकी टीम भले ही चैंपियन बने या न बने, एक-दूसरे के खिलाफ मैच कभी न हारे. आज के मुकाबले में भी यही स्थिति बन गई है. आपको बता दें वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत का पलड़ा हमेशा से भारी रहा है, लेकिन हेड-टू-हेड रिकॉर्ड की बात करें, तो पाकिस्तान का पलड़ा भारी रहा है भारत के खिलाफ. शुरुआती कुछ सालों में भारत के खिलाफ पाकिस्तान हावी रहा था, लेकिन इधर कुछ वर्षों से भारत का पलड़ा काफी भारी रहा है. तो आपको हम यहां बताने वाले हैं कि कब से पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत की भूख बढ़ गई है.
2004 के बाद से पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत की बढ़ गई भूख
भारत और पाकिस्तान के बीच अबतक कुल 134 वनडे मुकाबले खेले गए हैं. जिसमें 73 मैचों में पाकिस्तान को जीत मिली है, तो 56 मैचों में भारत जीता. 56 मैच पाकिस्तान ने हारे, तो 73 में भारत को हार मिली. दोनों टीमों के बीच वनडे मुकाबले की शुरुआत एक अक्टूबर 1978 को हुई थी. जिसमें भारत को जीत मिली थी. लेकिन उसके बाद पाकिस्तान ने जीत का जो सिलसिला शुरू किया, वो 2004 तक जारी रहा. लेकिन 2004 के बाद से बाजी पलट गई और जीत का औसत भारत के पक्ष में आ गया. 13 मार्च 2004 से पहले भारत-पाकिस्तान के बीच कुल 86 मैच खेले गए थे, जिसमें 53 में पाक टीम को जीत मिली और भारत केवल 30 मैच जीत पाया. लेकिन उसके बाद आंकड़ा पलट गया. 2004 के बाद दोंनों देशों के बीच 47 मैच खेले गए, जिसमें भारत को 26 में और पाकिस्तान को 21 मैचों में जीत मिली.
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13 मार्च 2004 को कैसा था भारत-पाकिस्तान का मैच
2004 में भारतीय टीम सौरव गांगुली की कप्तानी में पाकिस्तान का दौरा किया था. उस समय के तात्कालिक प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय टीम से कहा था, सीरीज और दिल दोनों जीतकर लौटना. दोनों देशों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला कराची में खेला गया था. जिसमें मैच आखिरी गेंद तक गया था और रोमांचक मुकाबले को भारत ने 5 रन से जीत लिया था. वीरेंद्र सहवाग (79), सचिन तेंदुलकर (28), राहुल द्रविड़ (99), सौरव गांगुली (45) और मोहम्मद कैफ (46) की पारी के दम पर भारत ने 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 349 रनों का विशाल स्कोर बनाया था. लेकिन पाकिस्तान की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 344 रन बना लिया था. आखिरी ओवर काफी रोमांचक था.
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सौरव गांगुली ने आखिरी ओवर आशीष नेहरा को सौंपा
उस समय के कप्तान सौरव गांगुली ने आखिरी ओवर के लिए आशीष नेहरा को गेंद सौंपा था. नेहरा ने भी कप्तान के भरोसे को कायम रखा और आखिरी ओवर में 3 रन देकर मोइन खान का विकेट चटकाया था. आखिरी ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिए 9 रनों की दरकार थी. क्रीज पर शोएब मलिक और माईन खान जमे हुए थे. आखिरी ओवर में स्ट्राइक पर नावेद उल हसन थे. आशीष नेहरा ने पहली गेंद पर नावेद उल हसन को बीट कर दिया. फिर दूसरी गेंद पर हसन ने एक रन दिया और स्ट्रइक पर आए मोईन खान. तीसरी गेंद पर मोईन बीट हो गए फिर चौथी गेंद पर एक रन लेकर मोईन ने स्ट्राइक हसन को दिया. पांचवीं गेंद पर हसन ने एक रन देकर मोईन को स्ट्राइक पर भेजा. आखिरी गेंद पर पाकिस्तान को जीत के लिए 6 रनों की जरूरत थी. लेकिन आशीष नेहरा ने घातक गेंदबाजी करते हुए मोईन को जहीर खान के हाथों कैच कराया.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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