विदेशों में कप्तान कोहली का फार्म बना परेशानी की वजह, 13 पारियों में जमाया सिर्फ एक शतक

By Prabhat Khabar Digital Desk
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भारत और न्यूजीलैंड के बीच वेलिंगटन में पहला टेस्ट खेला जा रहा है. इस टेस्ट की पहली पारी बुरी तरह लड़खड़ायी टीम इंडिया की हालत दूसरी पारी में भी कमोवेश वैसे है. दूसरी पारी में टीम इंडिया के टॉप चार पवेलियन लौट चुके हैं. जबकि न्यूजीलैंड अभी भारत से 39 रन आगे है. इस टेस्ट की दोनों पारियों में कप्तान कोहली का बल्ला मौन रहा. पहली पारी में जहां उन्होंने मात्र 02 रन बनाए तो वहीं दूसरी पारी में 19 रन बनाकर चलते बने. उन्हें उसी ट्रेंट बोल्ट ने अपना शिकार बनाया जिसने मैच शुरू होने पहले इच्छा जतायी थी कि वह विराट कोहली का विकेट लेना चाहते हैं.

ऐसा नहीं है कि इस मैच में बल्कि इस पूरे दौरे में कप्तान कोहली वो नहीं कर पाए हैं जिसके लिए वो जाने जाते हैं. इस दौरे में उन्होंन अब तक महज एक ही अर्धशतक लगाया है. बीते साल इंग्लैंड दौरे के बाद से ही भारतीय कप्तान विराट कोहली विदेशी जमीन पर एक भी शतक नहीं लगा पाए हैं. 2018 में इंग्लैंड ने भारत को 4-1 से मात दी थी. इंग्लैंड दौरे के बाद से छह टेस्ट में कोहली ने 38 की औसत से 418 रन बनाए. इसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं.

ये आंकड़े साबित करते हैं कि भारतीय कप्तान विदेशी जमीन पर काफी समय से अच्छा नहीं कर पा रहे. नवंबर 2019 में विराट कोहली ने बांग्लादेश(डेनाइट) के खिलाफ 136 रनों की पारी खेली थी. इसके बाद से कोहली अब तक कोई बेहतर प्रदर्शन नहीं दिखा पाएं हैं. बता दें कि इंग्लैंड दौरे के बाद से उनकी सबसे खराब रनिंग फॉर्म है.

कोहली अपने 11 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में दो फेज में 20 से अधिक पारियों में शतक बनाने में असफल रहे हैं. कोहली के करियर का पहला बुरा दौर फरवरी से सितंबर 2011 तक रहा जब वह लगातार 24 पारियों में शतक लगाने में असफल रहे. वहीं फरवरी से अक्टूबर 2014 तक 25 लगातार पारियों में कोहली शतक के आंकड़े को छूने में असफल रहे. अगर विदेशी धरती पर टेस्ट की नंबर वन टीम

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