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अब्दुल कादिर की ‘गुगली'' के दीवाने थे इमरान, सभी प्यार से पुकारते थे ‘बाओ''

Updated at : 07 Sep 2019 2:09 PM (IST)
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अब्दुल कादिर की ‘गुगली'' के दीवाने थे इमरान, सभी प्यार से  पुकारते थे ‘बाओ''

कराची : शेन वार्न गजब प्रतिभा के धनी रहे लेकिन अब्दुल कादिर ऐसे जादूगर थे जिन्होंने विक्टोरियाई गेंदबाज के विश्व क्रिकेट को मोहित करने से बहुत पहले ही ‘गुगली’ को लोकप्रिय बना दिया था. ‘गुगली’ को धोखा देने वाली गेंद माना जाता है. गेंदबाजों के लिए इसे ‘खजाने वाली गेंद’ माना जाता है लेकिन जो […]

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कराची : शेन वार्न गजब प्रतिभा के धनी रहे लेकिन अब्दुल कादिर ऐसे जादूगर थे जिन्होंने विक्टोरियाई गेंदबाज के विश्व क्रिकेट को मोहित करने से बहुत पहले ही ‘गुगली’ को लोकप्रिय बना दिया था. ‘गुगली’ को धोखा देने वाली गेंद माना जाता है. गेंदबाजों के लिए इसे ‘खजाने वाली गेंद’ माना जाता है लेकिन जो बल्लेबाज इसका सामना करता है, उसके लिये यह भयभीत करने वाली होती है.

कादिर इस धोखा देने वाली गेंद को फेंकने की कला को समझते थे जिससे काफी बल्लेबाज खौफ में आ जाते थे और पवेलियन लौट जाते. लेकिन यह भी जीवन की विडम्बना ही है कि उनको अंत में ऐसी ही ‘गुगली’ (दिल का दौरा) ने पस्त कर दिया जिसके लिये वह तैयार नहीं थे. कादिर के बेटे सुलेमान ने बताया कि वह चाव से एशेज शृंखला देखते और लाहौर में परिवार के साथ अच्छा समय बिता रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘वह फिट थे, हालांकि उन्हें अच्छा खाना पसंद था और वह खुद को फिट बनाये रखते थे.’ इस उम्र (63 वर्ष) में भी वह काफी फिट थे.

उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद नहीं थी कि उन्हें दिल का दौरा पड़ेगा. यह अचानक हुआ और जब तक हम अस्पताल पहुंचे तब तक सब खत्म हो गया था. कादिर उस टीम का हिस्सा थे जिसमें इमरान खान, जावेद मियांदाद, मोहसिन खान और बाद में वसीम अकरम मौजूद थे और अपनी स्पिन से दर्शकों को आकर्षित करते थे. मुश्ताक अहमद ने भी कादिर के नक्शेकदमों पर चलते हुए काफी सफलता हासिल की लेकिन वह उनके आकर्षक व्यक्तित्व के करीब नहीं पहुंच सके. कादिर अलग अलग तेजी से तीन लेग ब्रेक फेंक सकते थे.

इमरान ने जब 80 के दशक में टीम की कप्तानी की तो उन्होंने कादिर के इस गुप्त हथियार को देखा. और कई मैचों में इस लेग स्पिनर ने अपने कप्तान को निराश नहीं किया. भले ही यह वेस्टइंडीज के खिलाफ फैसलाबाद में मैच हो या फिर इंग्लैंड में. कादिर को सभी प्यार से ‘बाओ’ पुकारते थे और वह इमरान के पसंदीदा थे. बायें हाथ के स्पिनर इकबाल कासिम कई टेस्ट में कादिर के स्पिन जोड़ीदार रहे, उन्होंने कहा, ‘‘इमरान उन्हें काफी प्रेरित करते थे.’

टी20 क्रिकेट के इस युग में जहां युजवेंद्र चहल और इमरान कादिर (कादिर के शिष्य) वाहवाही लूटते हैं, तो अंदाजा लगा सकते हैं कि कादिर कितने अनमोल होते. संन्यास के बाद वह मुख्य चयनकर्ता भी रहे और इस दौरान पीसीबी के चेयरमैन एजाज बट से शोएब अख्तर को टीम में रखने के लिये भी लड़े थे. उन्होंने राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया. अख्तर ने शोक संदेश में कहा कि मैं हमेशा कादिर भाई का कर्जदार रहूंगा जिन्होंने मुझ पर इतना भरोसा दिखाया. उनके परिवार में पत्नी और बेटी हैं जिसका निकाह पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज उमर अकमल से हुआ है.

कादिर ने पाकिस्तान के लिये 67 टेस्ट और 104 वनडे क्रिकेट मैच खेले और अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर में 368 विकेट लिये.

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