World Cup Pakistan vs Afghanistan: विश्वकप में बने रहने के लिए पाकिस्तान को जीतना ही होगा आज का मैच

Published by : Rajneesh Anand Updated At : 23 Oct 2023 2:14 PM

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पाकिस्तान को पिछले लगातार दो मैच में भारत और ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा है, जिससे उनका मनोबल कमजोर हुआ है,लेकिन खेल में बने रहने के लिए उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना ही होगा. प्वाइंट टेबल में पाकिस्तान के पास अभी चार अंक हैं और उसकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है.

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ICC Cricket World Cup 2023 में आज पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मुकाबला खेला जा रहा है. यह मैच विश्वकप का 22 वां मैच है. मैच देखने के लिए दोनों ही टीम को सपोर्ट करने के लिए क्रिकेट प्रेमी चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम पहुंच चुके हैं. पाकिस्तान की टीम के लिए यह मैच बहुत ही अहम है, क्योंकि अगर पाकिस्तान को टूर्नामेंट में बने रहना है तो उन्हें किसी भी हाल में यह मैच जीतना होगा. पाकिस्तान ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है. बाबर आजम ने कहा कि पिच बहुत ड्राई नजर आ रही है. हम पहले बैटिंग करेंगे संभवत: रात को तेज गेंदबाजों को फायदा मिले.

चेपाॅक की पिच स्पिनर्स के लिए बेहतर

चेपाॅक की पिच स्पिनर्स के लिए बहुत बेहतर मानी जाती है. ऐसे में पाकिस्तान को अफगानिस्तान के स्पिनर्स को बहुत ही सावधानी के साथ खेलना होगा. नवाज को बुखार है इसलिए पाकिस्तानी टीम में शादाब की वापसी हुई है. ज्ञात हो कि पाकिस्तान को पिछले लगातार दो मैच में भारत और ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा है, जिससे उनका मनोबल कमजोर हुआ है,लेकिन खेल में बने रहने के लिए उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना ही होगा. प्वाइंट टेबल में पाकिस्तान के पास अभी चार अंक हैं और इस लिहाज से उसकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, क्योंकि दस टीम में से टाॅप की चार टीम ही सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगी.

पाकिस्तान और अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन

अफगानिस्तान (प्लेइंग इलेवन): रहमानुल्लाह गुरबाज़, इब्राहिम जादरान, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, इकराम अलीखिल (डब्ल्यू), मोहम्मद नबी, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नवीन-उल-हक, नूर अहमद

पाकिस्तान (प्लेइंग इलेवन): अब्दुल्ला शफीक, इमाम-उल-हक, बाबर आजम (कप्तान), मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), सऊद शकील, इफ्तिखार अहमद, शादाब खान, उसामा मीर, शाहीन अफरीदी, हसन अली, हारिस रऊफ

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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