Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में भारत की राह आसान नहीं, इन बदलावों से क्या मेडल टैली पर पड़ेगा भारी असर?

Updated:
विज्ञापन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (एक्स)

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (एक्स)

India at Commonwealth Games 2026: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 125 भारतीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, लेकिन पारंपरिक खेलों के हटने और छोटे स्तर के आयोजन के कारण भारत के लिए पिछली बार जैसी सफलता दोहराना मुश्किल होगा.

विज्ञापन

India at Commonwealth Games 2026: 23 जुलाई से स्कॉटलैंड के ग्लासगो में शुरू होने जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के 125 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जहां नीरज चोपड़ा और मीराबाई चानू जैसे स्टार खिलाड़ियों पर सभी की नजरें रहेंगी. इस बार भारत के लिए पिछली बार जैसी सफलता पाना आसान नहीं होगा, क्योंकि खेलों का आयोजन छोटे स्तर पर हो रहा है और कई ऐसे प्रमुख खेलों को हटा दिया गया है जिनमें भारत पारंपरिक रूप से सबसे ज्यादा पदक जीतता रहा है. इसका सीधा और बड़ा असर देश की कुल पदक संख्या पर पड़ेगा.

ग्लासगो में सिर्फ 10 खेल होंगे

इंग्लैंड के बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में कुल 19 खेल शामिल थे. लेकिन ग्लासगो 2026 में केवल 10 खेलों का आयोजन होगा. इनमें से छह खेलों में पैरा स्पोर्ट्स भी आयोजित होंगी.

इन खेलों में शामिल हैं—

  • एथलेटिक्स
  • स्विमिंग
  • ट्रैक साइक्लिंग
  • वेटलिफ्टिंग
  • 3x3 बास्केटबॉल
  • लॉन बॉल्स
  • नेटबॉल
  • आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स
  • जूडो
  • बॉक्सिंग

भारत के मजबूत खेल ही कार्यक्रम से बाहर

इस बार जिन खेलों को हटाया गया है, उनमें भारत के सबसे सफल खेल भी शामिल हैं. इनमें बैडमिंटन, हॉकी, टेबल टेनिस और कुश्ती ऐसे खेल हैं जिनमें भारत लगातार पदक जीतता आया है. यही कारण है कि इस बार भारत की मेडल उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है.

हटाए गए खेल हैं—

  • बैडमिंटन
  • क्रिकेट
  • हॉकी
  • स्क्वैश
  • टेबल टेनिस
  • ट्रायथलॉन
  • कुश्ती
  • बीच वॉलीबॉल
  • रग्बी सेवन्स (Rugby Sevens)

2022 में भारत ने जीते थे 61 पदक

बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने 210 खिलाड़ियों का दल भेजा था और कुल 61 पदक जीते थे. भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था. सबसे खास बात यह है कि इन 61 पदकों में से 30 पदक ऐसे खेलों से आए थे जो इस बार कार्यक्रम में ही नहीं हैं.

इन खेलों में भारत के पदक इस प्रकार थे-

  • कुश्ती – 12
  • टेबल टेनिस – 7
  • बैडमिंटन – 6
  • हॉकी – 2
  • स्क्वैश – 2
  • क्रिकेट – 1

भारत के कई स्टार खिलाड़ी भी नहीं दिखेंगे

जब खेल ही कार्यक्रम में नहीं हैं तो उन खेलों के बड़े भारतीय सितारे भी इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में नजर नहीं आएंगे.

इनमें शामिल हैं-

  • पीवी सिंधु
  • मनु भाकर
  • हरमनप्रीत सिंह
  • अमन सहरावत

ऐसा क्यों हुआ?

इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स छोटे स्तर पर आयोजित करने की सबसे बड़ी वजह आर्थिक है. दरअसल, 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी पहले ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य को मिली थी. लेकिन 2023 में विक्टोरिया सरकार ने बढ़ते खर्च का हवाला देते हुए आयोजन से अपना नाम वापस ले लिया. इसके बाद नए मेजबान की तलाश शुरू हुई और आखिरकार ग्लासगो ने आयोजन की जिम्मेदारी ली. लेकिन शहर के पास तैयारी के लिए केवल तीन साल का समय था. इसलिए आयोजकों ने सीमित खेलों के साथ छोटा संस्करण आयोजित करने का फैसला किया.

ग्लासगो ने खर्च कम करने के लिए अपनाया नया मॉडल

ग्लासगो इसके पहले 2014 में भी कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन कर चुका है, इसलिए वहां ज्यादातर खेल सुविधाएं पहले से मौजूद हैं. इस बार खर्च घटाने के लिए नए स्टेडियम नहीं बनाए जाएंगे, बल्कि सभी मुकाबले सिर्फ चार मौजूदा खेल स्थलों पर ही होंगे. इसके अलावा, खिलाड़ियों के लिए नया आवास बनाने के बजाय उन्हें पहले से बने होटलों में ठहराया जाएगा. इन स्मार्ट व्यवस्थाओं से आयोजन का खर्च बहुत कम हो जाएगा.

मौजूदा फॉर्म भी चिंता का विषय

भारत जिन खेलों में हिस्सा ले रहा है, उनमें भी इस बार पहले जैसी मजबूत स्थिति नहीं दिख रही है. 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने वेटलिफ्टिंग में 10, बॉक्सिंग में 7 और जूडो में 3 पदक जीते थे. लेकिन इसके बाद इन खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा. पेरिस ओलंपिक 2024 में भी मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन और निखत ज़रीन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा. ऐसे में इस बार वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग और जूडो में भारत के लिए पहले जैसी पदक की गारंटी नहीं मानी जा रही है.

भारत के पास फिर भी रहेंगे कुछ बड़े दावेदार

हालांकि चुनौतियां काफी हैं, लेकिन भारत के पास अब भी कई खिलाड़ी हैं जो स्वर्ण पदक जीत सकते हैं. इनसे भारत को अच्छी शुरुआत की उम्मीद रहेगी.

इनमें प्रमुख नाम हैं—

  • नीरज चोपड़ा (भाला फेंक)
  • मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग)
  • भारतीय मुक्केबाज
  • एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स के कई खिलाड़ी

2030 में भारत करेगा मेजबानी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी भारत के अहमदाबाद को मिली है. ऐसे में भारत के लिए यह आयोजन केवल पदक जीतने का मौका ही नहीं बल्कि अगले मेजबान के रूप में अपनी तैयारियों को मजबूत करने का भी अवसर होगा.

एशियन गेम्स पर भी रहेगी नजर

कॉमनवेल्थ गेम्स के कुछ ही समय बाद सितंबर में एशियन गेम्स का आयोजन होना है. ऐसे में खिलाड़ियों के सामने लगातार बड़े टूर्नामेंट होंगे. हालांकि जिन खेलों को कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर कर दिया गया है, उनके खिलाड़ियों की पूरी तैयारी अब एशियन गेम्स पर फोकस रहेगी.

इसे भी पढ़े- हशमतुल्लाह शाहिदी ने अचानक छोड़ी अफगानिस्तान वनडे टीम की कप्तानी, आखिर क्या है वजह?


विज्ञापन
ऋतु राज

लेखक के बारे में

By ऋतु राज

ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola