BCCI का एक्शन, खिलाड़ियों का कद देखकर फिटनेस पर नहीं करें समझौता; फिजियो को मिले सख्त निर्देश
भारतीय टीम जीत का जश्न मनाते हुए (फोटो- सोशल मीडिया)
भारतीय क्रिकेट टीम में लगातार बढ़ रही चोटों और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर BCCI ने सख्त रुख अपनाया है. बोर्ड ने टीम के फिजियो कमलेश जैन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी खिलाड़ी की प्रतिष्ठा या सीनियरिटी की परवाह किए बिना फिटनेस संबंधी हर चिंता की जानकारी दें.
भारतीय क्रिकेट टीम में हाल के महीनों में लगातार चोटिल खिलाड़ियों की संख्या बढ़ने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने फिटनेस व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने टीम के फिजियो कमलेश जैन से इस मुद्दे पर बातचीत की है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, BCCI ने कमलेश जैन से कहा है कि किसी भी खिलाड़ी के कद या सीनियरिटी की चिंता किए बिना यदि उन्हें किसी खिलाड़ी की फिटनेस पर संदेह हो तो उसे तुरंत रिपोर्ट करें. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग फिटनेस मानक तय किए गए थे. खासकर सीनियर खिलाड़ियों को फिटनेस टेस्ट पास करने के लिए बाकी खिलाड़ियों के मुकाबले आसान लक्ष्य दिए जाते थे.
टीम में नए स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन लेरू के आने के बाद अब यो-यो टेस्ट की जगह ब्रोंको टेस्ट को खिलाड़ियों की फिटनेस मापने का मुख्य पैमाना बनाया गया है.
'भारतीय खिलाड़ी अभी ब्रोंको टेस्ट के आदी नहीं'
रिपोर्ट में BCCI के एक सूत्र के हवाले से कहा गया है, "भारतीय खिलाड़ी अभी ब्रोंको टेस्ट के आदी नहीं हैं. पिछले एक साल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) ने अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग आधार मानक तय किए थे. अब सामने आया है कि कुछ सीनियर खिलाड़ियों को फिटनेस टेस्ट पास करने के लिए काफी आसान लक्ष्य दिए गए थे."
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टीम मैनेजमेंट के चलते खिलाड़ियों को फिट घोषित किया गया
सूत्र ने यह भी दावा किया कि CoE के स्टाफ ने टीम प्रबंधन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हर्षित राणा और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को भी फिट घोषित किया. रिपोर्ट के अनुसार, कुछ खिलाड़ियों की फील्डिंग में मूवमेंट को लेकर भी चिंता जताई गई है. वहीं लंबे समय तक बल्लेबाजी करने के बाद कुछ सीनियर बल्लेबाज विकेटों के बीच तेजी से दौड़ने में संघर्ष कर रहे हैं, जिससे टीम में धीमे फील्डरों की संख्या बढ़ने की बात भी कही गई है.
किसी भी खिलाड़ी के कद की परवाह नहीं करे
सूत्र ने कहा, "कमलेश जैन से कहा गया है कि वह किसी भी खिलाड़ी की हैसियत की परवाह न करें और यदि उन्हें कुछ भी संतोषजनक न लगे तो उसकी जानकारी दें. मैदान पर कुछ खिलाड़ियों की मूवमेंट चिंता का विषय रही है." रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि भारत के टेस्ट विशेषज्ञ खिलाड़ी CoE में शुरू किए गए नए फिटनेस ड्रिल्स से पूरी तरह परिचित नहीं हैं और कई खिलाड़ी नए कार्यक्रम से अचानक चौंक गए.
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