BCCI ने टीम इंडिया के लिए बोल्ड फैसले लेने वाले अजीत अगरकर का कार्यकाल 1 साल के लिए बढ़ाया

टीम इंडिया के चीफ सलेक्टर अजीत अगरकर
Ajit Agarkar : टीम इंडिया के लिए कई बोल्ड फैसले लेने वाली चीफ सलेक्टर अजीत अगरकर को बीसीसीआई ने एक और साल के लिए टीम का भविष्य तय करने का अधिकार सौंप दिया है. वे 2027 तक टीम के चीफ सलेक्टर बने रहेंगे.
Ajit Agarkar : बीसीसीआई ने 2027 के विश्वकप को ध्यान में रखते हुए टीम के चीफ सलेक्टर अजीत अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट को एक और साल के लिए बढ़ा दिया है. यह जानकारी न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बीसीसीआई के सूत्रों के हवाले से दी है.
अगरकर के कार्यकाल में टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया
अजीत अगरकर के लीडरशिप में अक्टूबर 2023 से मार्च 2026 के बीच चुनी गई भारतीय टीम चार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची और इसमें से तीन में टीम ने खिताब भी जीता. भारत इस दौरान दो टी20 विश्व कप और एक बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने में सफल रहा. अगरकर के प्रदर्शन को देखते हुए यह अनुमान पहले से ही लगाया जा रहा था कि उनके कॉन्ट्रैक्ट को और बढ़ाया जाएगा.
अगरकर ने नहीं मांगा था सेवा विस्तार
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सूत्र ने पीटीआई को बताया कि अगरकर ने सेवा विस्तार नहीं मांगा था. नियमों के अनुसादर एक सलेक्टर जूनियर या सीनियर चयन समिति में चार साल तक और दोनों समितियों में मिलाकर कुल पांच साल तक काम कर सकता है इसलिए अजीत को नया अनुबंध दिया गया है, उसमें विस्तार नहीं किया गया है. अगरकर के करीबियों ने हमेशा यही कहा कि वह खुद कॉन्ट्रैक्ट बढ़वाने की मांग करने की जगह फैसला करने वालों को इसका मौका देना चाहते हैं कि वे उनके प्रदर्शन को जज करें.हालांकि विराट कोहली और रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास शुभमन गिल को टी20 विश्व कप टीम से बाहर करने के फैसले को लेकर अगरकर को आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा है.
ये भी पढ़ें : चेन्नई के लिए एक और बुरी खबर, आयुष म्हात्रे का हैमस्ट्रिंग टियर हुआ; अगले कई मैचों में खेलना संदिग्ध
आईपीएल का खिताब सबसे अधिक बार जीतने वाली तीनों टीमें इस सीजन में फिसड्डी क्यों?
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










