आईपीएल का खिताब सबसे अधिक बार जीतने वाली तीनों टीमें इस सीजन में फिसड्डी क्यों?
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 18 Apr 2026 12:25 PM
चेन्नई, मुंबई और कोलकाता की टीम
GT vs KKR 2026 : आईपीएल सीजन 19 में दिल्ली को छोड़कर सभी टीमों ने अपने 5-5 मैच खेल लिए हैं. ऐसे में अगर टीमों के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो पाएंगे कि आईपीएल का खिताब सबसे अधिक बार जीतने वाली तीनों टीमें-चेन्नई, मुंबई और केकेआर इस सीजन में बहुत ही खराब प्रदर्शन कर रही है. अगर उन्हें खेल में बने रहना है, तो आगे के मैचों में बेहतरीन खेल दिखाना होगा अन्यथा उनकी बादशाहत पर खतरा मंडरा रहा है.
GT vs KKR 2026 : आईपीएल सीजन 19 के अबतक के सफर को देखें, तो हम पाएंगे कि आईपीएल का खिताब अबतक सबसे अधिक बार जीतने वाली तीनों टीमें बहुत ही खराब स्थिति में हैं और प्वाइंट टेबल में इन तीनों का स्थान नीचे से 1,2,3 यानी 10वां, 9वां और 8वां है. केकेआर की टीम अबतक 6 मैच खेल चुकी है, लेकिन एक भी जीत उसके खाते में नहीं आई है.
केकेआर की क्यों हो रही है फजीहत
केकेआर की टीम इस आईपीएल में अपने लय में नजर नहीं आ रही है. उनकी बैटिंग, बाॅलिंग और रणनीति सबकुछ बेदम नजर आ रहे हैं. बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों अपने रिदम में नहीं दिख रहे हैं. ओपनर बहुत जल्दी आउट हो रहे हैं, जिसकी वजह से मिडिल ऑर्डर पर दबाव बहुत अधिक बन जाता है. इस वजह से टीम बैकफुट पर नजर आती है और खिलाड़ी खुलकर खेल नहीं पाते हैं. प्लेइंग इलेवन में भी लगातार बदलाव किया जा रहा है, बावजूद इसके टीम एक अदद जीत के लिए तरस रही है और लगातार 3 मैच में हार चुकी है.
| क्रमांक | विरोधी टीम | तारीख | परिणाम |
|---|---|---|---|
| 1 | Mumbai Indians (मुंबई इंडियंस) | 29 मार्च | 6 विकेट से हार |
| 2 | Sunrisers Hyderabad (सनराइजर्स हैदराबाद) | 2 अप्रैल | 65 रन से हार |
| 3 | Punjab Kings (पंजाब किंग्स) | 6 अप्रैल | बारिश के कारण रद्द |
| 4 | Lucknow Super Giants (लखनऊ सुपर जायंट्स) | 9 अप्रैल | 3 विकेट से हार |
| 5 | Chennai Super Kings (चेन्नई सुपर किंग्स) | 14 अप्रैल | 32 रन से हार |
| 6 | Gujarat Titans (गुजरात टाइटंस) | 17 अप्रैल | 5 विकेट से हार |
मुंबई के ऑलराउंडर्स मैच विनर नहीं बन पा रहे
5 बार आईपीएल का खिताब अपने नाम करने वाली मुंबई इंडियंस की टीम ने इस बार जब जीत से शुरुआत की, तो उनके फैंस को लगा कि इस बार टीम कुछ खास करेगी. मुंबई ने 29 मार्च को खेले गए मैच में कोलकाता को 6 विकेट से हराया था. गौर करने वाली बात यह है कि इस जीत के बाद मुंबई ने कुल खेले गए 5 मैच में से चार को गंवा दिया. रोहित शर्मा की कप्तानी का अभाव भी टीम को परेशान कर रहा है. हार्दिक नए कप्तान हैं और उनकी रणनीति बहुत कारगर होती नहीं दिख रही है. वहीं हार्दिक, मिशेल सेंटनर, विल जैक्स और नमन धीर जैसे ऑलराउंडर्स कुछ कमाल नहीं कर पा रहे हैं. उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही ढीली नजर आ रही है, जिसकी वजह से टीम फिसड्डी साबित हो रही है.
| क्रमांक | विरोधी टीम | तारीख | परिणाम |
|---|---|---|---|
| 1 | Kolkata Knight Riders (कोलकाता नाइट राइडर्स) | 29 मार्च | 6 विकेट से जीत |
| 2 | Delhi Capitals (दिल्ली कैपिटल्स) | 4 अप्रैल | 6 विकेट से हार |
| 3 | Rajasthan Royals (राजस्थान रॉयल्स) | 7 अप्रैल | 27 रन से हार |
| 4 | Royal Challengers Bengaluru (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) | 12 अप्रैल | 18 रन से हार |
| 5 | Punjab Kings (पंजाब किंग्स) | 16 अप्रैल | 7 विकेट से हार |
चेन्नई की चमक भी पड़ी फीकी
चेन्नई सुपर किंग्स ने भी मुंबई की तरह की आईपीएल का खिताब 5 बार अपने नाम किया है, लेकिन इस बार वे अपने थाला महेंद्र सिंह धोनी को बहुत मिस कर रहे हैं. महेंद्र सिंह धोनी इस आईपीएल में अबतक मैदान पर नजर नहीं आए हैं. इस वजह से उनकी कप्तानी और मैदान पर परिस्थितियों के अनुसार किए गए निर्णय से टीम वंचित है. गेंदबाज और बल्लेबाज भी कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं. हालांकि शुरुआत के बाद टीम कुछ संभली है, लेकिन इन तरह के खेल में खिताब जीतना बहुत कठिन होगा. चेन्नई ने अबतक 5 मैच खेले हैं, जिनमें से 3 में उसे हार मिली है जबकि बाद में खेले गए दो मैच, जो दिल्ली और केकेआर के साथ खेले गए उनमें टीम जीती है.
| क्रमांक | विरोधी टीम | तारीख | परिणाम |
|---|---|---|---|
| 1 | Rajasthan Royals (राजस्थान रॉयल्स) | 30 मार्च | 8 विकेट से हार |
| 2 | Punjab Kings (पंजाब किंग्स) | 3 अप्रैल | 5 विकेट से हार |
| 3 | Royal Challengers Bengaluru (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) | 5 अप्रैल | 43 रन से हार |
| 4 | Delhi Capitals (दिल्ली कैपिटल्स) | 11 अप्रैल | 23 रन से जीत |
| 5 | Kolkata Knight Riders (कोलकाता नाइट राइडर्स) | 14 अप्रैल | 32 रन से जीत |
ये भी पढ़ें : GT vs KKR: रोमांचक मुकाबले में गुजरात ने केकेआर को 5 विकेट से हराया, चमके गिल
IPL 2026: इंग्लैंड का एक और खिलाड़ी हुआ बाहर, इस बार GT को लगा झटका
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










