झारखंड के 187 सरकारी स्कूलों की बदलेगी तस्वीर, पूर्वी सिंहभूम के अधिकारियों ने लिया है गोद, ये है प्लान
Published by : Guru Swarup Mishra Updated At : 17 Oct 2022 4:36 PM
पूर्वी सिंहभूम की उपायुक्त विजया जाधव सहित वरीय पदाधिकारी व जिला स्तरीय अन्य पदाधिकारियों ने 5-5 विद्यालयों को गोद लिया है. प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी तथा नगर निकाय पदाधिकारियों ने 2-2 विद्यालयों को गोद लिया है. इस तरह जिले के 187 सरकारी स्कूलों को पदाधिकारियों द्वारा गोद लिया गया है.
जमशेदपुर : कोराना काल के दौरान (दो वर्ष) बंद रहने के कारण सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है. बच्चे अपनी कक्षा की दक्षता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं. सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था में सुधार के लिए पूर्वी सिंहभूम की उपायुक्त विजया जाधव सहित सभी वरीय पदाधिकारी व जिला स्तरीय अन्य पदाधिकारियों ने 5-5 विद्यालयों को गोद लिया है. प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी तथा नगर निकाय पदाधिकारियों ने 2-2 विद्यालयों को गोद लिया है, ताकि इन विद्यालयों की तस्वीर बदली जा सके. जिले के 187 सरकारी स्कूलों को पदाधिकारियों द्वारा गोद लिया गया है.
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को मिलेगा प्रशस्ति पत्र
शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए नवाचारी कार्यक्रम आबुआ आसड़ा (संथाली शब्द का अर्थ-हमारा विद्यालय) प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है. कार्यक्रम के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा. नीति आयोग को उनके द्वारा किये जा रहे अभिनव प्रयासों से अवगत कराया जाएगा. अधिकारियों को चार माह के लिए विद्यालयों का आवंटन किया गया है.
इस दौरान इन गतिविधियों का होगा संचालन
– सप्ताह में दो दिन क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रत्येक माह में कम से कम एक बार विद्यालयों का निरीक्षण एवं अनुश्रवण.
– विद्यालयों में शिक्षक हैंडबुक का उपयोग सुनिश्चित कराना है. एक कमरा अथवा अन्य दीवारों में लेखन कराना है.
– विद्यालय भवन में बिल्डिंग एंड लर्निंग एड का समावेश कराना है.
-बच्चों की न्यूनतम 90 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करवाना है.
– ई-विद्यावाहिनी के माध्यम से शिक्षक एवं छात्र उपस्थिति सुनिश्चित कराना
– मासिक मूल्यांकन की समीक्षा, कमजोर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष पठन-पाठन कराना.
इस दौरान इन गतिविधियों का होगा संचालन
– मॉडल कक्षा का संचालन
– वार्षिक माध्यमिक परीक्षा के परीक्षाफल में सुधार हेतु प्रयास करना.
– विद्यालय के स्मार्ट क्लास का सदुपयोग सुनिश्चित कराना. प्रत्येक दिन न्यूनतम 4-5 घंटी वर्ग संचालन करवाना है.
– विद्यालय में अधिष्ठापित आइसीटी लैब (यदि हो) तो उसे क्रियाशील करवाना है.
– मध्याह्न भोजन की गुणवता सुनिश्चित कराना है.
– विद्यालयों में किचेन गार्डन का विकास करवाना.
– विद्यालय प्रबंधन समिति एवं माता समिति की प्रत्येक माह की 25 तारीख को नियमित बैठक कराना.
– प्रत्येक तीन माह में अभिभावक शिक्षक बैठक का आयोजन.
– विद्यालय की साफ-सफाई सुनिश्चित कराना.
– विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना.
– सभी नामांकित बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना.
रिपोर्ट : संदीप सावर्ण, जमशेदपुर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










