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जलपाईगुड़ी में भाजपा के साथ-साथ तृणमूल के बागी नेताओं पर भी बरसीं ममता बनर्जी, केंद्र को दी राष्ट्रपति शासन लगाने की चुनौती

Updated at : 15 Dec 2020 6:01 PM (IST)
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जलपाईगुड़ी में भाजपा के साथ-साथ तृणमूल के बागी नेताओं पर भी बरसीं ममता बनर्जी, केंद्र को दी राष्ट्रपति शासन लगाने की चुनौती

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार (15 दिसंबर, 2020) को उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी में आयोजित एक जनसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस के बागी नेताओं पर भी जमकर बरसीं. इतना ही नहीं, तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र सरकार को बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की चुनौती भी दे दी.

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार (15 दिसंबर, 2020) को उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी में आयोजित एक जनसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस के बागी नेताओं पर भी जमकर बरसीं. इतना ही नहीं, तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र सरकार को बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की चुनौती भी दे दी.

ममता बनर्जी ने रैली में कहा कि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को बंगाल से दूर कर देना होगा. वे क्या करेंगे? राष्ट्रपति शासन लगायेंगे? जरा राष्ट्रपति शासन लगा के देखें न! मैं आंदोलन से उपजी नेता हूं, जानती हूं कि कुछ नहीं होगा. ममता बनर्जी ने तृणमूल के बागी नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा कि 10 साल तक पार्टी की सुविधाएं लीं. सरकार का खाया और चुनाव से ठीक पहले पार्टी और सरकार की खिलाफत करने लगे. हम इसे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.

ममता बनर्जी ने कहा कि जिन लोगों ने ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी थी, वे लोग बंगाल में क्यों रहेंगे. इन्हें देखकर लोगों को गुस्सा आता है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हैदराबाद की एक पार्टी को पकड़कर यहां ले आये हैं. भारतीय जनता पार्टी हैदराबाद की उस पार्टी को पैसे देती है.

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भाजपा के प्रति गुस्से का इजहार करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ‘भाजपा हिंदू वोट ले लेगी. हैदराबाद की पार्टी अल्पसंख्यकों के वोट ले लेगी. और मैं क्या कच्चे केले खाऊंगी!’ उन्होंने कहा कि केंद्र के पास राज्य सरकार का 85 हजार करोड़ रुपये बकाया है. एक पैसे नहीं मिल रहे हैं. वे कहते हैं कि केंद्र का पैसा है. केंद्र को पैसे कहां से मिलते हैं. राज्यों से केंद्र को राजस्व मिलता है. उसमें से 40 फीसदी हिस्सा राज्य का होता है. वही राज्यों को मिलता है.

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Posted By : Mithilesh Jha

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