कल्याण विभाग के कुचाई अस्पताल में अब सिर्फ ओपीडी सेवा, मरीज को भर्ती कर नहीं किया जा सकेगा इलाज, ये है परेशानी
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 17 Jul 2021 1:21 PM
Jharkhand News, सरायकेला (शचिंद्र कुमाद दाश) : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के जनजाति बहुल कुचाई प्रखंड में कल्याण विभाग के अस्पताल (मेसो अस्पताल) में आईपीडी सेवा शुक्रवार से बंद कर दी गयी है. अब इस अस्पताल में किसी भी मरीज को भर्ती कर इलाज नहीं किया जायेगा. सिर्फ ओपीडी सेवा मिलेगी.
Jharkhand News, सरायकेला (शचिंद्र कुमाद दाश) : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के जनजाति बहुल कुचाई प्रखंड में कल्याण विभाग के अस्पताल (मेसो अस्पताल) में आईपीडी सेवा शुक्रवार से बंद कर दी गयी है. अब इस अस्पताल में किसी भी मरीज को भर्ती कर इलाज नहीं किया जायेगा. सिर्फ ओपीडी सेवा मिलेगी.
पूर्व में यहां विभिन्न प्रकार की बीमारी का इलाज किया जाता था. अस्पताल में 50 बेड के साथ-साथ एक्स-रे, इसीजी, लैब आदि की सुविधा है. बताया जा रहा है कि अब अस्पताल में सिर्फ ओपीडी सेवा ही मिलेगी. इसको लेकर अस्पताल में स्टाफ की भी कटौती की गयी है. अधिकतर कर्मी अस्पताल का हॉस्टल खाली कर घर चले गये हैं. अस्पताल के अधिकतर कर्मियों को भी एक माह पहले ही नोटिस जारी कर इसकी जानकारी दे दी गयी थी. शुक्रवार को उक्त अस्पताल में ओपीडी सेवा भी बंद रही. अस्पताल के गेट में ताला लटका रहा. शुक्रवार को अस्पताल बंद रहने के कारण बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल से इलाज कराये बगैर ही वापस घर लौट गये. यहां नि:शुल्क इलाज के साथ साथ दवा, भोजन आदि देने का प्रावधान है. सरकार ने 2018 से 2023 तक के लिये कल्याण अस्पताल कुचाई के संचालन, रख रखाव व प्रबंधन की जिम्मेवारी दीपक फाउंडेशन को दी है.
अस्पताल के संचालक दीपक फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि 26 जून को ही सरकार को पत्र लिख कर कल्याण अस्पताल में 15 जुलाई से अस्पताल में न्यूनत बेसिक सेवा ही उपलब्ध कराने संबंधी जानकारी दे दी थी. राज्य के आदिवासी कल्याण आयुक्त को पत्र लिख कर जानकारी दी गयी थी कि वित्तीय संकट के कारण 15 जुलाई से मेडिकल स्टाफ की कटौती की जा रही है. 21 नवंबर 2019 से अस्पताल संचालन के लिये फाउंडेशन को अनुदान नहीं मिला है. मार्च 2021 तक 1.94 करोड़ से अधिक का अनुदान लंबित है. वित्तीय संकट के कारण अस्पताल संचालित करने में परेशानी हो रही थी. बाद में अस्पताल में सेवा दे रहे पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एक-एक कर मार्च 2021 से पहले ही यहां सेवा देना बंद कर दिया. मार्च से पहले तक यहां शिशु रोग, नेत्र रोग, महिला रोग विशेषज्ञ के साथ-साथ सर्जन व एनसथेसिया के डॉक्टर अपनी सेवा देते थे. अस्पताल में दवा की भी काफी कमी हो गयी थी. अस्पताल के कर्मियों का भी तीन-चार माह का वेतन भुतगान नहीं हुआ है.
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खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिख कर कुचाई में दीपक फाउंडेशन द्वारा संचालित कल्याण विभाग के अस्पताल की स्थिति से अवगत कराया था. अस्पताल में आईपीडी सेवा बहाल हो, इसका प्रयास करेंगे. इस मुद्दे पर पर अगले सोमवार को रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिल कर अस्पताल को सुचारु रुप से संचालित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे. इस अस्पताल से काफी संख्या में लोग स्वास्थ्य सुविधा ले रहे हैं. जनहित में इसे बेहतर ढंग से संचालित करने की आवश्यकता है.
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आदिवासी कल्याण विभाग की ओर से पूरे राज्य में 16 अस्पताल संचालित किये जा रहे हैं. इन अस्पतालों के संचालन का जिम्मा सरकार ने एनजीओ को दिया है. अस्पताल संचालन के लिए सरकार से उन्हें अनुदान दिया जाता है.
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Posted By : Guru Swarup Mishra
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