डायन-बिसाही के नाम पर प्रताड़ित तीन महिलाएं पहुंची पद्मश्री छुटनी महतो की शरण में, लगायी न्याय की गुहार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Jan 2022 6:36 PM
jharkhand news: डायन-बिसाही के नाम पर प्रताड़ित सरायकेला और चतरा की तीन महिलाएं पद्मश्री छुटनी महतो के शरण में आयी है. तीनों ने अपनी आपबीती सुनायी. पद्मश्री छुटनी ने कहा कि आज भी गांवों में डायन-बिसाही के नाम पर महिलाएं प्रताड़ित हो रही हैं. पुलिस-प्रशासन से शिकायत की बात कही.
Jharkhand news: भले ही आज मानव आधुनिकता की दंभ भरता हो और सरकार द्वारा डायन-बिसाही उन्मूलन को लेकर सरकार द्वारा जागरूकता के लिए करोड़ों खर्च किये जाते रहे हैं एवं इस पर कड़ा कानून बनाया गया हो परंतु आज भी महिलाएं डायन के नाम पर प्रताडित होती रही है.समाज से डायन के नाम पर प्रताडित महिलाएं घुट-घुटकर अपनी जीवन व्यतीत करती है. वैसे ही तीन महिलाएं जो गांव एवं समाज से डायन के नाम पर प्रताड़ित होते तंग आ चुकी है. अब न्याय के लिए पद्मश्री छुटनी महतो के यहां शरण ली हुई है. तीन महिलाओं में दो महिलाएं सरायकेला थाना अंर्तगत दुगनी गांव की है जबकि तीसरा महिला चतरा जिला के सिमरिया थाना अंतर्गत तालसा गांव की है. करीब 300 किलोमीटर दूर से पद्मश्री छुटनी के घर पहुंची महिला फागनी देवी ने न्याय की गुहार लगायी हुई है और पद्मश्री छुटनी महतो के घर पर शरण ली हुई है.
सरायकेला थाना अंतर्गत दुगनी की एक 65 विधवा केतकी देवी ने पद्मश्री छुट्टनी महतो के पास पहुंची और न्याय की गुहार लगायी है. पीड़ित महिला केतकी देवी ने बताया कि उनके पति काशी सोनार ने पहले एक महिला से विवाह किया था, लेेकिन उसका कोई संतान उत्पन्न नहीं हुआ. इसके बाद उन्होंने मेरे साथ दूसरी शादी की, लेकिन मेरे से भी कोई संतान नही हुआ. केतकी ने बताया कि 8 साल पहले उनके पति का देहांत हुआ और कुछ दिनों के बाद उनकी पहली पत्नी का भी निधन हो गया.
पति के निधन के बाद गोतिया के लोगों ने प्रताडित करना शुरू कर दिया, जिससे अपने मायके राउरकेला में जाकर रहने लगी. बताया कि उनके पति के नाम साढ़े चार बीघा जमीन थी, जिसमें से आधा जमीन कुछ लोगों ने गलत ढंग से उससे अंगूठा का निशान लेकर बेच दिया है. शेष जमीन को भी बेचने के लिए लोग उससे बहला-फुसला रहे हैं.
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केतकी ने बताया कि जब वह दुगनी अपने घर आयी, तो उसके गोतिया के लोग उसे डायन का आरोप लगाकर प्रताड़ित कर रहे हैं और घर से भगा दिया. केतकी ने बताया कि उसके पड़ोसी सुधा सोनार एवं उनकी पत्नी एवं गुलाब चंद्र सोनार उन्हें डायन का आरोप लगाकर जब भी घर जाती है, तो भगा दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि वे मामले को लेकर थाना गये, लेकिन सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई. अंत में पद्मश्री छुटनी देवी के पास पहुंच कर न्याय की गुहार लगायी गयी है.
डायन-बिसाही का दूसरा मामला सरायकेला थाना अंतर्गत दुगनी गांव के भुईंयासाई टोला का है. पीड़िता दीनमनी देवी ने बताया कि 10 साल पहले उसकी देवरानी बेहुला देवी का एक 7 साल के बच्चे की मृत्यु हुई थी. इस पर देवरानी बेहुला देवी ने दीनमनी देवी पर डायन-बिसाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इसने ही मेरे बच्चे को खा गया है. इसको लेकर गांव में बैठक हुई, लेकिन आरोपी बेहुला देवी बैठक में उपस्थित नहीं हुई.
पीड़िता दीनमनी देवी ने बताया कि कुछ दिनों तक मामला शांत रहा, लेकिन एक बार फिर उसके देवर धनंजय नायक एवं देवरानी बेहुला देवी उसे डायन-बिसाही का आरोप लगाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है. परेशान होकर पद्मश्री छुटनी महतो के यहां शरण लेकर न्याय की गुहार लगायी है .
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चतरा जिला के सिमरिया थाना अंतर्गत तालसा गांव के फागनी देवी 300 किमी दूर सरायकेला की पद्मश्री छुटनी महतो के यहां पहुंचकर न्याय की गुहार लगायी है. फागुनी देवी ने बताया कि पुश्तैनी जमीन हड़पने के लिए उनके चाचा ससुर के बेटे विशु महतो एवं उनकी पत्नी विश्वेश्वरी देवी, सुरेश चंद्र महतो, उनकी पत्नी गीता देवी, किशोर महतो, उनकी पत्नी चिरैती देवी तथा रोहन महतो व उनकी पत्नी लाली देवी ने उन्हें डायन-बिसाही का आरोप लगाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है. इनका भरा-पूरा परिवार है. वर्ष 2017 में भी इनके द्वारा डायन-बिसाही के नाम पर प्रताड़ित किया गया था, इसके बाद मामला शांत हुआ था. लेकिन, एक बार फिर से डायन-बिसाही के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है.
पद्मश्री छुटनी महतो से न्याय की गुहार लगा रही पीड़िता के संबंध में उन्होंने कहा कि आज भी डायन-बिसाही के नाम पर महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है. इन पीड़ित महिलाओं की शिकायत पुलिस-प्रशासन से कराया जायेगा. साथ ही इन पीड़ित महिलाओं को न्याय की अपील भी पुलिस-प्रशासन से की गयी है.
रिपोर्ट : प्रताप मिश्रा, सरायकेला-खरसावां.
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