Vinayaka Chaturthi 2024: विनायक चतुर्थी पर पढ़ें श्री गणेश चतुर्थी की प्रामाणिक व्रत कथा
Published by : Shaurya Punj Updated At : 05 Dec 2024 10:25 AM
Vinayaka Chaturthi 2024 Vrat Katha
Vinayaka Chaturthi 2024 Vrat Katha: इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पूर्व गणेश जी की पूजा करना आवश्यक होता है. गणेश जी को ज्ञान और बुद्धि का देवता माना जाता है, जिससे विद्यार्थी उनकी आराधना करके ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति की इच्छा करते हैं. विनायक चतुर्थी को नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, और इस दिन लोग नए कार्यों की शुरुआत करते हैं.
Vinayaka Chaturthi 2024: विनायक चतुर्थी या गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण उत्सव है, जो भगवान गणेश को समर्पित है. गणेश जी को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता के रूप में पूजा जाता है. इस दिन गणेश जी की मूर्ति की स्थापना की जाती है और उनकी आराधना की जाती है. उन्हें सभी बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है, इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा अनिवार्य होती है. गणेश जी को ज्ञान और बुद्धि का देवता भी माना जाता है, जिससे छात्र उनकी आराधना करके ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति की कामना करते हैं. विनायक चतुर्थी को नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, और इस दिन लोग नए कार्यों की शुरुआत करते हैं.
आज है विनायक चतुर्थी का व्रत
पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 04 दिसंबर को दोपहर 01:10 बजे प्रारंभ होगी और इसका समापन 05 दिसंबर को दोपहर 12:49 बजे होगा. इस दिन चन्द्रास्त का समय रात 09:07 बजे है. साधक 05 दिसंबर को विनायक चतुर्थी का व्रत रख सकते हैं.
भगवान शिव और माता पार्वती की पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार वे नर्मदा नदी के किनारे बैठे थे. इस दौरान माता पार्वती ने भगवान शिव से चौपड़ खेलने का अनुरोध किया.
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भगवान शिव चौपड़ खेलने के लिए सहमत हो गए, लेकिन यह प्रश्न उठ खड़ा हुआ कि हार-जीत का निर्णय कौन करेगा. इस पर भगवान शिव ने कुछ तिनके इकट्ठा कर एक पुतला बनाया और उसकी प्राण-प्रतिष्ठा की. उन्होंने पुतले से कहा, “बेटा, हम चौपड़ खेलना चाहते हैं, लेकिन हमारे हार-जीत का निर्णय करने वाला कोई नहीं है, इसलिए तुम बताओ कि हम दोनों में से कौन हारा और कौन जीता?”
इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती ने चौपड़ खेलना शुरू किया. यह खेल तीन बार खेला गया और संयोगवश तीनों बार माता पार्वती ने विजय प्राप्त की. खेल समाप्त होने के बाद बालक से हार-जीत का निर्णय करने के लिए कहा गया, तो उसने भगवान शिव को विजयी घोषित किया.
यह सुनकर माता पार्वती अत्यंत क्रोधित हो गईं और उन्होंने बालक को लंगड़ा होने तथा कीचड़ में पड़े रहने का श्राप दे दिया. बालक ने माता पार्वती से क्षमा मांगी और कहा कि यह सब मेरी अज्ञानता के कारण हुआ है, मैंने किसी द्वेष भावना से ऐसा नहीं किया.
बालक की क्षमा याचना पर माता ने कहा- ‘यहां गणेश पूजन के लिए नागकन्याएं आएंगी, उनके निर्देशानुसार तुम गणेश व्रत करो, ऐसा करने से तुम मुझे प्राप्त करोगे.’ यह कहकर माता पार्वती भगवान शिव के साथ कैलाश पर्वत की ओर चली गईं.
एक वर्ष बाद उस स्थान पर नागकन्याएं आईं, और जब बालक ने उनसे श्री गणेश के व्रत की विधि पूछी, तो उसने 21 दिन तक लगातार गणेशजी का व्रत किया. उसकी श्रद्धा से गणेशजी प्रसन्न हुए और उन्होंने बालक से मनोवांछित फल मांगने के लिए कहा.
उस बालक ने कहा, ‘हे विनायक! कृपया मुझे इतनी शक्ति प्रदान करें कि मैं अपने पैरों पर चलकर अपने माता-पिता के साथ कैलाश पर्वत तक पहुंच सकूं और वे इस दृश्य को देखकर आनंदित हों.’
इसके बाद, श्री गणेश ने बालक को वरदान देकर अंतर्ध्यान हो गए. बालक कैलाश पर्वत पर पहुंच गया और वहां पहुंचकर उसने भगवान शिव को अपनी यात्रा की कथा सुनाई.
चौपड़ के दिन से माता पार्वती भगवान शिव से विमुख हो गई थीं, इसलिए देवी के क्रोधित होने पर भगवान शिव ने बालक के अनुसार 21 दिनों तक श्री गणेश का व्रत किया. इस व्रत के प्रभाव से माता पार्वती के मन में भगवान शिव के प्रति जो नाराजगी थी, वह समाप्त हो गई.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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