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Surya Grahan 2020: कोरोना के बाद क्या कोई नया संकट ला रहा 21 जून वाला सूर्यग्रहण, जानिए एक्सपर्ट की राय

Updated at : 11 Jun 2020 8:57 AM (IST)
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Surya Grahan 2020: कोरोना के बाद क्या कोई नया संकट ला रहा 21 जून वाला सूर्यग्रहण, जानिए एक्सपर्ट की राय

surya grahan effect on rashi, surya grahan june 2020 timing 21 जून को इस साल का तीसरा ग्रहण पड़ने वाला है. दो चंद्र ग्रहण के बाद पड़ने वाले इस सूर्य ग्रहण में अद्भूत नजारा दिखाई देगा. हर वर्ष की भांति इस दिन वर्ष का सबसे बड़ा दिन भी रहने वाला है. आपको बता दें कि इस ग्रहण काल की कुल अवधि 03 घंटे से अधिक रहने वाली है. इस ग्रहण में सूर्य सोने की कंगन की तरह दिखाई देगा.

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surya grahan effect on rashi, surya grahan june 2020 timing 21 जून को इस साल का तीसरा ग्रहण पड़ने वाला है. दो चंद्र ग्रहण के बाद पड़ने वाले इस सूर्य ग्रहण में अद्भूत नजारा दिखाई देगा. हर वर्ष की भांति इस दिन वर्ष का सबसे बड़ा दिन भी रहने वाला है. आपको बता दें कि इस ग्रहण काल की कुल अवधि 03 घंटे से अधिक रहने वाली है. इस ग्रहण में सूर्य सोने की कंगन की तरह दिखाई देगा.

21 जून 2020 को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत समेत दुनियाभर के विभिन्न हिस्सों से देखा जा सकेगा. यह ग्रहण सुबह 10:31 बजे से दोपहर 02:04 बजे तक रहेगा. जबकि यह अपने चरम पर 12:18 PM बजे के करीब रहेगा. इसकी कुल समयसीमा कुल 03 घंटे 33 मिनट रहने की संभावना है.

भारत में यह ग्रहण आंशिक रूप से नयी दिल्ली, मुम्बई, हैदराबाद, कोलकाता, चंडीगढ़, बंगलौर, लखनऊ, चैन्नई जैसे कुछ प्रमुख शहरों में देखा जा सकता है. इसके अलावा यह नेपाल, यूऐई, पाकिस्तान, सऊदी अरब, एथोपिया और कोंगों जैसे देशों में भी दिखेगा.

इसके पीछे छिपा खगोलीय रहस्य

21 जून को पड़ने वाला ग्रहण एक वलयाकार सूर्य ग्रहण है. जिसमें चंद्रमा की छाया सूर्य के 99 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगी. इस दौरान चंद्रमा अपने छाया से सूर्य के केन्द्र के साथ मिलकर इसके चारों ओर वलयाकार आकृति बना देगी. जिसके कारण सूर्य का बाकि बचा भाग सोने के कंगन की तरह चमकता दिखेगा.

धर्म-शास्त्र के अनुसार यह ग्रहण प्रलयकारी

जिस तरह इस ग्रहण का वैज्ञानिक पक्ष है ठीक उसी तरह इसका धार्मिक महत्व भी है. धर्म गुरूओं की मानें तो इसमें भी सूतक ग्रहण लगता है. 21 जून को पड़ने वाले सूर्य ग्रहण में सूतक ग्रहण 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है तो इस लिहाज से इस ग्रहण का सूतक सुबह 10:31 बजे से ठीक 12 घंटे पूर्व अर्थात 20 जून की रात्री 09:25 बजे से ही शुरू हो जायेगा जो ग्रहण के समाप्ति के साथ समाप्त होगा. वहीं, बच्चों, बृद्धों और बीमार लोगों के लिए सूतक 21 जून की सुबह 05 बजकर 08 मीनट से सूतक आरंभ होगा.

क्या होगा इसका प्रभाव

ज्योतिष विशेषज्ञों की मानें तो यह ग्रहण मुख्य तौर पर मिथुन राशि को प्रभावित करने वाला है. इस दौरान मंगल ग्रह मीन में स्थित होकर सूर्य, चंद्रमा, बुध और राहु को देखेंगे. जिससे अशुभ स्थिति उत्पन्न होगी. इसके अलावा इसी अवधि में कुल 6 ग्रह वक्री अवस्था में रहेंगे, जो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बेहद अशुभ है. कोरोना महासंकट के बीच इससे प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ जन-धन हानि की संभावना भी है. जिसका प्रभाव पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका समेत भारत में भी पड़ने वाला है. ऐसा बताया जा रहा है कि इस ग्रहण की वजह से जून के अंतिम सप्ताह प्रलयकारी रहने वाला है. इस दौरान भयंकर वर्षा और बाढ़ जैसी आपदा से देश को जूझना पड़ सकता है.

आपको बता दें कि भारत में देहरादून, सिरसा तथा टिहरी जैसे शहरों में वलयाकार सूर्यग्रहण दिखाई देने वाला है जिसकी कुल अवधि 38 सेकंड तक हो सकती है.

Posted By: Sumit Kumar verma

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