मई में कब मनाई जाएगी स्कन्द षष्ठी? जानें सही तिथि, पूजा विधि और महत्व 

Published by : Neha Kumari Updated At : 18 May 2026 8:08 AM

विज्ञापन

स्कन्द षष्ठी

Skanda Sashti 2026 May: ज्येष्ठ मास की स्कन्द षष्ठी का व्रत 21 मई को रखा जाएगा. इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा-अर्चना की जाती है और व्रत रखा जाता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन में साहस, विजय और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

विज्ञापन

Skanda Sashti 2026 May: स्कन्द षष्ठी हिंदू धर्म का एक पवित्र व्रत है. यह भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र तथा देवताओं के सेनापति भगवान कार्तिकेय को समर्पित है. यह पर्व हर माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मासिक स्कन्द षष्ठी के रूप में मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा से भगवान कार्तिकेय की पूजा और व्रत करते हैं, उन्हें जीवन के हर संकट से मुक्ति मिलती है तथा साहस और विजय की प्राप्ति होती है.

स्कन्द षष्ठी मई 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के प्रारंभ और समाप्ति का समय इस प्रकार है:

  • षष्ठी तिथि प्रारंभ: 21 मई 2026 को सुबह 08:27 बजे से
  • षष्ठी तिथि समाप्त: 22 मई 2026 को सुबह 06:25 बजे तक

उदयातिथि और शास्त्रों के नियमों के अनुसार, स्कन्द षष्ठी का व्रत 21 मई 2026 को ही रखा जाएगा.

स्कन्द षष्ठी व्रत की सरल पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. यदि संभव हो तो इस दिन लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनें. इन रंगों को पूजा के समय पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है.
  • पूजा घर में भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें.
  • भगवान कार्तिकेय को रोली, चंदन, अक्षत, पीले फूल, फल, धूप और दीप अर्पित करें. उन्हें भोग में फल या मिठाई चढ़ाएं.
  • भगवान कार्तिकेय के मंत्र “ॐ शरवणभवाय नमः” का 108 बार जाप करें.
  • इस दिन ‘स्कन्द षष्ठी कवचम्’ का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.
  • अंत में कपूर या दीपक जलाकर आरती करें.

स्कन्द षष्ठी का धार्मिक महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी तिथि पर भगवान कार्तिकेय ने अत्यंत क्रूर असुर तारकासुर और सूरपद्मन का वध कर देवताओं को उनके अत्याचारों से मुक्त कराया था. इसलिए उन्हें ‘युद्ध के देवता’ भी कहा जाता है.

इसके साथ ही यह मान्यता भी है कि यह व्रत रखने से संतान की रक्षा होती है और उन्हें लंबी आयु का वरदान मिलता है. भगवान कार्तिकेय को मंगल ग्रह का स्वामी माना जाता है. इस दिन उनकी पूजा करने से कुंडली में स्थित मंगल दोष शांत होता है.

यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी खबरें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Prabhat Khabar

विज्ञापन
Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola