Funeral Procession: रास्ते में अर्थी दिख जाए तो करें ये उपाय, मिलेगी सफलता और शांति

Author Ashi goyal
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Shubh Sanket during funeral procession

Shubh Sanket during funeral procession

Shubh Sanket during funeral procession : हिन्दू धर्म में मृत्यु को अंत नहीं, बल्कि आत्मा की यात्रा का एक चरण माना गया है. रास्ते ���ें अर्थी देखना कोई भय का संकेत नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक संदेश हो सकता है.

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Funeral Procession: हिन्दू मान्यता के अनुसार, मृत्यु और जीवन दोनों ईश्वर की इच्छा से संचालित होते हैं, और अर्थी का दर्शन भी एक आध्यात्मिक संकेत माना जाता है. नीचे दिए गए प्रमुख बिंदुओं में आप जानेंगे कि यदि मार्ग में अर्थी दिखाई दे तो इन उपायों को अपनाकर सफलता और शांति पाई जा सकती है:-

– मौन धारण करें और श्रद्धा पूर्वक प्रणाम करें

जब किसी व्यक्ति की अर्थी आपके मार्ग में दिखाई दे, तो तुरंत रुककर मौन हो जाएं और दोनों हाथ जोड़कर मन में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें. यह ईश्वर के प्रति श्रद्धा और मृतात्मा के प्रति सम्मान का भाव दर्शाता है. ऐसा करने से आपके भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपके कर्मों में शुभता आती है.

– ‘ओम नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें

अर्थी देखने पर शांति और मन की स्थिरता के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी होता है. यह मंत्र मृतात्मा की मुक्ति के लिए भी सहायक होता है और जाप करने वाले को भय, शोक व संकट से मुक्ति दिलाता है. यह आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है जो जीवन के मार्ग में सफलता लाता है.

– कुछ क्षण रुककर सिर झुकाएं और आगे बढ़ें

रास्ते में अर्थी देखकर तुरंत मुड़कर निकलना अशुभ माना जाता है. कुछ क्षण रुककर मन में मृतात्मा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करें और फिर सिर झुकाकर शांति से आगे बढ़ें. यह विनम्रता और मानवता का प्रतीक होता है. मान्यता है कि ऐसा करने से ईश्वर की कृपा बनी रहती है और मनोवांछित कार्यों में सफलता मिलती है

– दान या सेवा का संकल्प लें

अर्थी का दर्शन एक संकेत हो सकता है कि जीवन नश्वर है और हमें सत्कर्मों की ओर अग्रसर होना चाहिए. ऐसे में आप कोई छोटा-सा दान (जैसे भोजन, वस्त्र या जल) करने का संकल्प लें. यह पुण्य फल देने वाला होता है और जीवन में शांति व संतुलन बनाए रखता है.

– मन को नेगेटिव थोट्स से बचाएं

अर्थी देखने के बाद कुछ लोग भयभीत या अशुभ महसूस करते हैं, जबकि धार्मिक दृष्टिकोण से यह एक चेतावनी है कि जीवन अनमोल है. इसे व्यर्थ चिंता के बजाय आत्ममंथन और सुधार का अवसर मानें. पॉजिटिव दृष्टिकोण से सोचने पर आपके जीवन में मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास होता है.

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हिन्दू धर्म में मृत्यु को अंत नहीं, बल्कि आत्मा की यात्रा का एक चरण माना गया है. रास्ते में अर्थी देखना कोई भय का संकेत नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक संदेश हो सकता है. यदि उचित भावना और उपायों के साथ इसका सामना किया जाए, तो यह जीवन में शुभता, सफलता और शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है.

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