Sawan 2025 में बाल और दाढ़ी नहीं कटवाते हैं लोग, जानें इसके पीछे की धार्मिक वजह

Edited by Shaurya Punj
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Sawan 2025 hair beard trimming restrictions

Sawan 2025: सावन 2025 का महीना शुरू होते ही शिवभक्त भक्ति और आस्था में डूब जाते हैं. इस पवित्र मास में बाल और दाढ़ी न कटवाने की परंपरा प्रचलित है. लेकिन इसके पीछे केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि कई गहरे पौराणिक और ज्योतिषीय कारण भी छिपे हैं.

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Sawan 2025: हिंदू धर्म में सावन का महीना विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है. यह पूरा मास भगवान शिव को समर्पित होता है. इस दौरान भक्तगण पूजा-पाठ, व्रत, और संयमित जीवनशैली को अपनाते हैं. सावन में बाल और दाढ़ी न कटवाने की परंपरा भी इसी धार्मिक श्रद्धा और ज्योतिषीय मान्यताओं से जुड़ी हुई है.

धार्मिक दृष्टिकोण

सावन को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ समय माना गया है. इस महीने में साधना, तपस्या और पवित्रता पर विशेष बल दिया जाता है. बाल और दाढ़ी कटवाना भौतिक सजावट का प्रतीक माना जाता है, जो एकाग्रता और साधुता के मार्ग में विघ्न डाल सकता है. इसलिए साधु-संत भी सावन में अपने बाल नहीं कटवाते, और आम श्रद्धालु भी इसी मार्ग को अपनाते हैं.

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ज्योतिषीय कारण

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सावन के दौरान चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति कुछ विशेष प्रकार की ऊर्जा उत्पन्न करती है. यह समय मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति के लिए उपयुक्त होता है. बाल या दाढ़ी कटवाने से शरीर की ऊर्जा प्रणाली में असंतुलन आ सकता है, जिससे चित्त की स्थिरता प्रभावित हो सकती है. इसलिए इस महीने में बाल न कटवाना ज्योतिषीय रूप से भी हितकारी माना गया है.

स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक पहलू

सावन वर्षा ऋतु का हिस्सा होता है, जब वातावरण में नमी और संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. इस समय त्वचा अधिक संवेदनशील होती है और बाल या दाढ़ी कटवाने से त्वचा पर कटने या इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है. प्राचीन काल में चिकित्सा सुविधाओं की कमी के चलते यह परंपरा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी थी.

परंपरा और सांस्कृतिक प्रतीक

सावन में भगवान शिव का रूप धारण करने की भावना से भी बाल और दाढ़ी नहीं कटवाने की परंपरा जुड़ी है. शिवजी को “जटाधारी” कहा जाता है, और उनके अनुयायी इस रूप को अपनाने में गर्व महसूस करते हैं. यह केवल एक धार्मिक नियम नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का प्रतीक बन चुका है.

सावन में बाल और दाढ़ी न कटवाने की परंपरा केवल एक धार्मिक अनुशासन नहीं, बल्कि इसके पीछे ज्योतिषीय, स्वास्थ्य संबंधी और सांस्कृतिक पहलू भी गहराई से जुड़े हुए हैं. यह परंपरा आस्था के साथ-साथ आत्मनियंत्रण और संयम का अभ्यास भी सिखाती है.

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By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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