Sawan 2023: श्रावण मास के पहले दिन बन रहा है ग्रहों का शुभ संयोग, महादेव की भरपूर कृपा बनेगी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Jun 2023 2:12 PM
Sawan 2023: श्रावण मास के पहले दिन बहुत ही शुभ योग बन रहा है. कहा जाता है जिस मास की शुरुआत शुभ मुहूर्त तथा शुभ योग में हो वह मास बहुत ही कल्याणकारी होता है.
Sawan 2023: हिन्दू पंचांग के अनुसार साल 2023 में श्रावण मास के पहले दिन बहुत ही शुभ योग बन रहा है. कहा जाता है जिस मास की शुरुआत शुभ मुहूर्त तथा शुभ योग में हो वह मास बहुत ही कल्याणकारी होता है. इस बार श्रावण मास के पहले ही दिन शुभ संयोग बन रहा है. सावन मास 2023 का प्रारंभ 04 जुलाई 2023 दिन मंगलवार से हो रहा है. इस समय सूर्य मिथुन राशि में रहेंगे और इनका नक्षत्र आद्रा रहेगा. साथ ही चंद्रमा धनु राशि तथा पूर्वाषाढा नक्षत्र में रहेंगे, वही मंगल सिंह राशि में बैठे हैं. बुध अपनी राशि मिथुन में गोचर कर रहे हैं. गुरु और राहु अश्वनी नक्षत्र और मेष राशि में विराजमान हैं. वहीं शनि कुम्भ राशि में हैं और नक्षत्र शतभिखा में बैठे हैं. शतभिखा नक्षत्र के स्वामी राहु महराज हैं. वहीं केतु तुला राशि में बैठे हैं. आगे पढ़ें सावन मास शुभ योग, मंगला गौरी व्रत और मनोकामना पूर्ति के उपाय.
शुभ योग की बात करें तो सावन मास की शुरुआत गौरी मंगला व्रत से हो रही है. इस दिन सुहागिन महिलायें माता पार्वती तथा उनके परिवार का पूजन करती हैं साथ में गौरी का श्रृगार करती हैं. इंद्र योग सुबह 11:50 बजे तक है उसके बाद वैधृति योग है. इस दिन शिववास सुबह से ही लगा हुआ है यह दोपहर 01:39 मिनट तक रहेगा जो रुद्राभिषेक करने के लिए शुभ मुहूर्त होता है अगर शिववास नहीं मिले तो रुद्राभिषेक नहीं करना चाहिए. ऐसे शुभ मुहूर्त में कांवर यात्रा भी बहुत ही शुभ होता है.
श्रावण मास को बहुत ही पावन मास माना जाता है क्योंकि इस मास को वर्षा ऋतु का महीना भी कहा जाता है क्योंकि इस समय भारत में वर्षा काफी होती है यह मास भगवान शिव का बहुत प्रिय है. श्रावण मास का नाम श्रावण नक्षत्र से पड़ा क्योंकि इस मास में जो पूर्णिमा होती है वह श्रवण नक्षत्र से यूक्त होते हैं. इस मास को नभस के नाम से भी जाना जाता है इसलिए इसे शिवमास भी कहा जाता है. इस मास में जगत के पालन का भार भगवान शिव पर रहता है क्योंकि इस मास में भगवान विष्णु योगनिंद्रा में चले जाते हैं इसलिए इस मास के प्रधान देवता महादेव होते हैं.
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श्रवण मास में सिद्धिकुंजिका का पाठ करने से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं.
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इस मास में भगवान शिव का विशेष पूजन गंगाजल, गाय के दूध, बेलपत्र, धतुर से करने से स्वास्थ्य ठीक रहता है तथा घर परिवार में सुख -शांति बनी रहती है परिवार के सदस्य निरंतर उन्नति करते हैं.
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847
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