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Sawan 2023: सावन की शुरुआत 4 जुलाई से, अधिक मास के कारण होंगे ये बदलाव ? मान्यता और महत्व जानें

Updated at : 01 Jul 2023 11:14 AM (IST)
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Sawan 2023: सावन की शुरुआत 4 जुलाई से, अधिक मास के कारण होंगे ये बदलाव ? मान्यता और महत्व जानें

Sawan 2023: इस बार श्रावण मास की शुरुआत 04 जुलाई से हो रही है और यह 31 अगस्त को समाप्त होगा यानि इस वर्ष सावन मास पूरे 58 दिन तक रहेगा. इस दो महीने में पूजा कब होगी और कब नहीं? मालमास के नियम क्या हैं आगे पढ़ें.

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Sawan 2023: हिन्दू पंचांग के अनुसार साल का पाचवां महीना श्रावण होता है. इस बार श्रावण मास की शुरुआत 04 जुलाई से हो रही है और यह 31 अगस्त को समाप्त होगा यानि इस वर्ष सावन मास पूरे 58 दिन तक रहेगा. इसे वर्षा ऋतु का महीना कहा जाता है. त्योहार की विविधता ही भारत की विशिष्ठता की पहचान है, श्रावण मास यानि सावन मास में पड़ने वाले सोमवार को सावन सोमवार कहा जाता है, इस मास में विशेषतौर पर कुंआरी युवतियां भगवान शिव का व्रत रखती हैं. सावन का महीना प्रेम और उत्साह का महीना माना जाता है. इस मास में नई-नवेली दुल्हन अपने मायके जाकर झुला झूलती हैं और सखियों से अपने प्रेम की बातें करती हैं प्रेम के धागे को मजबूत करने के लिए इस मास में भगवान शिव की अलग-अलग तरीके से पूजा की जाती है जिससे महादेव प्रसन्न होते हैं अपने भक्त को खुशहाल रखते हैं.

जानें श्रावण मास में अधिक मास के नियम

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं उसे संक्रांति कहा जाता है. भगवान सूर्य एक राशि में लगभग 30 दिन रहते हैं जिससे माह में सूर्य सूर्य का गोचर नहीं होता है उसे मालमास यानि अधिक मास कहते हैं या पुरषोतम मास कहा जाता है. मालमास या अधिकमास में विवाह, नामकरण, गृहप्रवेश जैसे शुभ कार्य करना वर्जित रहता है. इस मास जितना संभव हो दान करें सावन मास में पुरुषोतम मास होने के कारण शिव भक्तों को विशेष शिव आराधना करने का अवसर मिलता है.

सावन अधिकमास में भी हर दिन कर सकते हैं रुद्राभिषेक

मालमास में प्रत्येक दिन शिव का रुद्राभिषेक किया जा सकता है. रुद्राभिषेक में जल, दूध,दही, शुद्ध,घी, शहद, चीनी, गन्ने का रस आदि से अभिषेक करें.

अधिक मास कब से कब है

ज्योतिष गणना के अनुसार अधिक मास 18 जुलाई से 2023 को शुरू होगा और 16 अगस्त 2023 तक रहेगा इस मास के स्वामी भगवान विष्णु है भगवान विष्णु ने इस मास को वरदान दिया था जो भी भक्त इस मास में शिव पूजा करेंगे. दान पुण्य करेंगे उनका घर धन धन्य से परिपूर्ण रहेग ,सभी पाप नस्ट हो जायेंगे तथा उनके सभी रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे.

मलमास में क्या नहीं करें

मलमास में शादी -विवाह, नया व्यापार, नई नौकरी, नये भवन निर्माण, मुंडन संस्कार, कोई भी शुभ कार्य नहीं करें. इस मास में किये गए सभी कार्य बेकार हो जाते हैं इनसे कोई सुख नहीं मिलता है. इस समय बनाये घर में शांति नहीं मिलती है.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा

ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ

8080426594/9545290847

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