संकष्टी गणेश चतुर्थी 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग में करें गणपति पूजा, नागपुर के मंदिरों में होंगे भव्य धार्मिक आयोजन

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Sankashti Ganesh Chaturthi 2026

संकष्टी गणेश चतुर्थी 2026

Sankashti Ganesh Chaturthi 2026: संकष्टी गणेश चतुर्थी 2026 पर सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बनेगा. जानिए पूजा का शुभ समय, धार्मिक महत्व और नागपुर के प्रमुख गणेश मंदिरों में होने वाले विशेष आयोजन.

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Sankashti Ganesh Chaturthi 2026:   आषाढ़ कृष्ण पक्ष की संकष्टी गणेश चतुर्थी इस वर्ष आज 3 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को मनाई जा रही है. इस बार का पर्व इसलिए भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और कृष्णपिंगल योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस शुभ योग में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से विघ्न दूर होते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है.

सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:54 बजे से 11:46 बजे तक रहेगा, जबकि प्रीति योग में भी गणेश पूजन को अत्यंत फलदायी माना गया है. चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 11:21 बजे होगा और यह दिन-रात तक प्रभावी रहेगी.

कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें.
  • भगवान गणेश का शुद्ध जल से अभिषेक कर विधिवत पूजन करें.
  • पीला चंदन, दूर्वा, पुष्प, फल और अक्षत अर्पित करें.
  • तिल के लड्डू, मोदक या प्रिय नैवेद्य का भोग लगाएं.
  • कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा का श्रद्धापूर्वक पाठ या श्रवण करें.
  • “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का यथाशक्ति जाप करें.
  • दीप-धूप के साथ गणेश जी की आरती कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.
  • रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें.
  • अंत में पूजा में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा-याचना करें.

गणेश मंदिरों में होंगे धार्मिक आयोजन

आज देशभर के गणेश मंदिरों में भी दिनभर विशेष पूजा-अर्चना होगी. श्रद्धालु भगवान गणेश को दूर्वा, लड्डू, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करेंगे. कुछ मंदिरों में शाम की आरती के बाद महाप्रसाद और सामूहिक गणेश मंत्र जाप का आयोजन भी किया जाएगा.

संकष्टी चतुर्थी का महत्व

धार्मिक मान्यता है कि संकष्टी गणेश चतुर्थी का व्रत रखने, भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने और रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं. सर्वार्थ सिद्धि योग में की गई आराधना विशेष रूप से शुभ और मनोकामना पूर्ण करने वाली मानी जाती है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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