Sadhguru Quotes : सद्गुरु कहते हैं- खुशियों के स्रोत बनें, प्रेम और रिश्ते खुद बन जाएंगे

Sathguru
Sadhguru on relationship : सद्गुरु अंतरराष्ट्रीय स्पीकर हैं. उनके विचारों से लाखों लोग प्रभावित हैं. उनकी ब्रेन सर्जरी हुई है, जिसके बाद उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की जा रही है.
Sadhguru Quotes : आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु बुधवार से खासा चर्चा में हैं, वजह है उनकी ब्रेन सर्जरी. सद्गुरु जग्गी वासुदेव ईशा फाउंडेशन के संस्थापक हैं और यह संस्था 1992 में स्थापित की गई थी. सद्गुरु का असली नाम जगदीश वासुदेव है और इनका जन्म तीन सितंबर 1957 में हुआ है.
2017 में पद्मविभूषण से सम्मानित हुए
सद्गुरु का आश्रम कोयंबटूर में है, जहां वे लोगों को योग की शिक्षा देते हैं साथ ही वे शिक्षा और अध्यात्म से संबंधित शिक्षा भी देते हैं. सद्गुरु की एक किताब है -इनर इंजीनियरिंग : A Yogi’s Guide to Joy and Karma जो बेस्ट सेलर है. उन्हें 2017 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया है. सद्गुरु अंतरराष्ट्रीय स्पीकार हैं, वे कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय देते हैं और श्रोताओं का मार्गदर्शन भी करते हैं. आज हम यहां उनके विभिन्न विषयों पर केंद्रित कुछ विचार पेश कर रहे हैं, जो अनमोल हैं.
sadhguru speech on love : प्रेम अनमोल है
प्रेम पर सद्गुरु के विचार अनमोल हैं, उनका कहना है कि प्रेम अनमोल है और आपको किसी से कभी भी हो सकता है. सच्चे प्रेम के लिए यह जरूरी नहीं है कि वह आपको किसी महिला या पुरुष से ही हो, वह आपको किसी से भी हो सकता है. प्रेम वो है जो आपको खुशी देता है, जिससे आपको मानसिक शांति और सुकून मिलती है. कई बार ऐसा भी होता है कि आप किसी महिला या पुरुष से प्रेम करते हैं और बात जब शादी तक पहुंचती है, तो हमें यह ज्ञात होता है कि वो प्रेम नहीं था. इसलिए हमें प्रेम को लेकर कंफ्यूजन में नहीं रहना है. प्रेम अनमोल है और सच्चा प्रेम हमेशा खुशी देता है.
Sadhguru speech on life : खुशी के बिना जीवन बेकार
सद्गुरु कहते हैं कि जीवन के लिए खुशी सबसे जरूरी चीज है. खुशी के बिना जीवन बेकार है. किसी भी व्यक्ति का जीवन तभी सफल और सुंदर माना जाएगा जब उसमें शांति और सुकून और खुशी हो. सद्गुरु यह भी कहते हैं कि जीवन में अगर आप खुद में सीमित रहेंगे और आत्मकेंद्रित रहेंगे तो आपके जीवन में शांति और खुशी नहीं आएगी.
Sadhguru on relationship: खुशी के स्रोत बनें
सद्गुरु कहते हैं कि अगर खुशी के स्रोत बन जाएंगे तो आपके रिश्ते बहुत ही खूबसूरत हो जाएंगे. इसलिए अपने जीवन में रिश्तों को संवारने के लिए यह जरूरी है कि आप खुशियों से ओत-प्रोत रहें. खुशियों रहेंगी तो सभी रिश्ते रहेंगे फिर चाहे वो पति या पत्नी, बेटा हो या बेटी या फिर दोस्त हो या पड़ोसी.
Also Read : Sadhguru Jaggi Vasudev: बिजनेसमैन से कैसे बने आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव, जानें उनसे जुड़ी रोचक बातें
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










