पीरियड्स में रुद्राभिषेक सही या गलत? ज्योतिषाचार्य से जानें धार्मिक मान्यताएं और सही रास्ता
पीरियड्स में रुद्राभिषेक सही या नहीं
पीरियड्स में रुद्राभिषेक को लेकर अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं हैं. कुछ परंपराओं में शिवलिंग स्पर्श से बचने की सलाह दी जाती है, जबकि कई लोग इसे व्यक्तिगत आस्था मानते हैं. जानें धार्मिक परंपरा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और पूजा का सही तरीका.
Rudrabhishek During Periods: पीरियड्स यानी मासिक धर्म के दौरान रुद्राभिषेक करना चाहिए या नहीं, इसे लेकर अलग-अलग धार्मिक परंपराएं और मान्यताएं हैं. कुछ परिवारों और परंपराओं में मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को मंदिर में प्रवेश या पूजा-पाठ से दूर रहने की सलाह दी जाती है. वहीं, कई परंपराओं में इसे व्यक्तिगत आस्था और सुविधा का विषय माना जाता है. इसलिए इसका कोई एक सार्वभौमिक धार्मिक नियम नहीं है.
धार्मिक दृष्टि से क्यों है मतभेद?
हिंदू धर्म में पूजा-पद्धतियां क्षेत्र, संप्रदाय और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं. कुछ परंपराओं में पीरियड्स के दौरान शिवलिंग को स्पर्श करके अभिषेक न करने की मान्यता है. ऐसे में महिला स्वयं रुद्राभिषेक न करके मन ही मन भगवान शिव का ध्यान, मंत्र जाप या शिव स्तुति कर सकती हैं.
क्या पीरियड्स में पूजा करना अशुभ है?
मासिक धर्म एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है. वैज्ञानिक या चिकित्सकीय दृष्टि से पीरियड्स के दौरान पूजा करने या भगवान का स्मरण करने से कोई नुकसान नहीं होता. इसलिए किसी महिला को केवल मासिक धर्म आने के कारण खुद को अपवित्र या दोषी महसूस करने की जरूरत नहीं है.
रुद्राभिषेक करना हो तो क्या करें?
यदि आपके घर या परिवार में पीरियड्स के दौरान शिवलिंग को स्पर्श करके पूजा करने की परंपरा नहीं है, तो आप किसी अन्य सदस्य से रुद्राभिषेक करवा सकती हैं. स्वयं दूर से भगवान शिव का ध्यान करें और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप कर सकती हैं. यदि आपकी पारिवारिक या धार्मिक परंपरा इसकी अनुमति देती है, तो अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा करना भी व्यक्तिगत आस्था का विषय है.
सबसे जरूरी है श्रद्धा और सहजता
पंडित कमलेश पांडे कहते हैं रुद्राभिषेक भगवान शिव की उपासना का एक माध्यम है. इसलिए परंपरा का सम्मान करते हुए अपनी सुविधा और आस्था के अनुसार निर्णय लेना उचित है. पीरियड्स कोई बीमारी या अपवित्रता नहीं है, बल्कि शरीर की सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है. पूजा न कर पाने की स्थिति में भी भगवान शिव का स्मरण और मानसिक पूजा श्रद्धा का ही हिस्सा मानी जा सकती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By शौर्य पुंज
मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










