मकर संक्रांति पर करें इन चीजों का दान, किन चीजों का करें परहेज

Author :Shaurya Punj
Published by :Shaurya Punj
Updated at :12 Jan 2025 8:50 AM
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Makar Sankranti 2025 Daan Mahatava

Makar Sankranti 2025

Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के अवसर पर मनाया जाता है. यह दिन विशेष रूप से दान, धार्मिक कार्य और पुण्य के लिए अत्यधिक शुभ माना जाता है. मकर संक्रांति सूर्य देवता को समर्पित एक पर्व है. इस दिन दान करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है और स्वास्थ्य में सुधार होता है. मकर संक्रांति पर दान करने से व्यक्ति को शुभ फल और पुण्य की प्राप्ति होती है.

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Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देव को समर्पित है और इसे बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे धार्मिक दृष्टि से खास महत्व दिया गया है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन दान करने से न केवल पुण्य मिलता है, बल्कि यह हमारे पापों को भी नष्ट करता है.दान के जरिए व्यक्ति स्वास्थ्य, समृद्धि और शांति प्राप्त कर सकता है. आइए जानते हैं इस दिन क्या दान करना शुभ होता है और किन चीजों के दान से बचना चाहिए.

मकर संक्रांति पर क्या दान करना शुभ

तिल और गुड़ का दान: तिल को शुद्धि और गुड़ को मिठास का प्रतीक माना गया है. तिल-गुड़ का दान करने से कुंडली में सूर्य और शनि ग्रह के दोषों का निवारण होता है.तिल और गुड़ के लड्डू दान करने से स्वास्थ्य लाभ और सकारात्मकता मिलती है.

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अनाज और खिचड़ी का दान: चावल, दाल, गेहूं और बाजरा जैसे अनाज दान करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है. इस दिन खिचड़ी बनाकर गरीबों को खिलाना भी शुभ माना जाता है. काले उड़द का दान विशेष लाभकारी होता है.

कपड़े और कंबल का दान: ठंड के मौसम को देखते हुए कंबल, ऊनी कपड़े और जरूरतमंदों के लिए वस्त्र दान करना पुण्यकारी होता है. यह दान न केवल दूसरों को गर्माहट देता है, बल्कि आपकी आत्मा को संतोष भी देता है.

धातु के बर्तन: तांबे, पीतल, चांदी या सोने के बर्तन दान करना शुभ माना जाता है. यह समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है.

गौदान (गाय का दान): हिंदू धर्म में गाय का दान सर्वोच्च पुण्य कर्म माना गया है.
यदि गाय दान न कर सकें, तो गौशाला में चारा या धन का योगदान भी उतना ही लाभकारी है.

मकर संक्रांति पर किन चीजों का दान न करें?

दान करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि गलत वस्तुओं का दान पुण्य के बजाय अशुभ परिणाम दे सकता है.

टूटी-फूटी वस्तुएं: टूटे हुए बर्तन, फटे कपड़े या कोई भी अधूरी वस्तु दान न करें. यह अशुद्धता का प्रतीक मानी जाती है.

पुराने और बेकार सामान: पुराने या बेकार सामान, जैसे खराब कपड़े या टूटी चीजें दान न करें. दान में हमेशा साफ-सुथरी और उपयोगी वस्तुएं दें.

तामसिक भोजन: मांस, मदिरा या तामसिक भोजन का दान इस पर्व पर वर्जित है.यह पर्व सात्विकता का प्रतीक है, इसलिए पवित्र वस्तुओं का ही दान करें.

सफेद चावल और सफेद कपड़े: कुछ मान्यताओं के अनुसार, सफेद चावल और सफेद कपड़े का दान इस दिन शुभ नहीं माना जाता. यह चंद्रमा से जुड़ी चीजें हैं, जो सूर्य की ऊर्जा से मेल नहीं खातीं.

काले रंग की वस्तुएं: काले कपड़े या वस्तुएं दान न करें. यह नकारात्मकता का प्रतीक मानी जाती हैं.

लोहे की वस्तुएं: लोहे से बनी वस्तुओं का दान करने से बचें. इसके बजाय तांबे या पीतल की चीजें दान करें.

मकर संक्रांति सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि दान, धर्म और आभार व्यक्त करने का दिन है. यह दिन दूसरों की मदद करने और सकारात्मक ऊर्जा को अपनाने की प्रेरणा देता है. सही तरीके और सोच के साथ दान करने से यह पर्व न केवल दूसरों के जीवन को खुशियों से भरता है, बल्कि दान करने वाले के जीवन को भी समृद्ध और शुभ बनाता है.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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