Mahashivratri: महाशिवरात्रि 2026 कब है? जानें 4 प्रहर की पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

Published by : Neha Kumari Updated At : 02 Feb 2026 10:46 AM

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महाशिवरात्रि 2026

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का पावन पर्व अब बस कुछ ही दिन दूर है. सभी शिव भक्त इस दिन महादेव की विशेष पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं. आइए जानते हैं कि साल 2026 में महाशिवरात्रि कब पड़ेगी, इस पूजा के लिए शुभ समय क्या रहेगा और इस दिन का महत्व.

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Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और बड़े त्योहारों में से एक है. साल 2026 में यह पावन पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसलिए इस दिन को शिव और शक्ति के मिलन के रूप में उत्सव की तरह मनाया जाता है.

महाशिवरात्रि 2026 मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है.

  • चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी 2026, शाम 05:04 बजे से
  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 फरवरी 2026, शाम 05:34 बजे तक
  • निशीथ काल पूजा (मुख्य मुहूर्त): 15 फरवरी की रात 11:52 से 12:42 16 फरवरी की मध्यरात्रि तक

चारों प्रहर की पूजा का समय

  • प्रथम प्रहर: 15 फरवरी की शाम 06:11 से रात 09:23 तक
  • द्वितीय प्रहर: 15 फरवरी की रात 09:23 से रात 12:35 तक
  • तृतीय प्रहर: 16 फरवरी की मध्यरात्रि 12:35 से सुबह 03:47 तक
  • चतुर्थ प्रहर: 16 फरवरी की सुबह 03:47 से सुबह 06:59 तक

महाशिवरात्रि पूजा विधि

ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद मंदिर में जाकर भगवान शिव की तस्वीर या प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें. यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर पर भी पूजा कर सकते हैं. सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल या गंगाजल से अभिषेक करें. फिर भगवान शिव पर दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से बना पंचामृत चढ़ाएं. इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत, रोली और चंदन अर्पित करें. फिर भोग लगाएं. इसके बाद भगवान शिव के मंत्रों का पूर्ण श्रद्धा से जाप करें. अंत में शिव चालीसा का पाठ करें और कपूर से आरती कर पूजा पूर्ण करें.

महाशिवरात्रि का महत्व 

धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात ब्रह्मांड में ऊर्जा का प्रवाह ऊपर की ओर होता है, इसलिए इस रात जागरण और ध्यान करने से विशेष लाभ मिलता है. कहते हैं कि इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर और विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है.

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लेखक के बारे में

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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