महाशिवरात्रि के दिन घर पर कैसे करें भगवान शिव की पूजा? जानें स्टेप-बाय-स्टेप विधि

Updated at : 07 Feb 2026 2:56 PM (IST)
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Mahashivratri puja

भगवान शिव

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के दिन की गई पूजा और व्रत से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में खुशहाली आती है. ऐसे में हर भक्त इस दिन महादेव को प्रसन्न कर उनकी कृपा प्राप्त करना चाहता है. यहां हम महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने की सरल विधि के बारे में बता रहे हैं.

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Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का पावन पर्व भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा दिन है. इस दिन भक्त महादेव की विशेष पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से न केवल सुख-समृद्धि आती है, बल्कि जन्म-मरण के बंधन से भी मुक्ति मिलती है. यदि आप महाशिवरात्रि के दिन किसी कारण से मंदिर नहीं जा पा रहे हैं, तो चिंता न करें. इस दिन आप अपने घर पर भी सरल विधि से महादेव की पूजा कर सकते हैं. महादेव ‘भोलेनाथ’ हैं, वे सच्चे भाव से की गई उपासना स्वीकार करते हैं, चाहे वह किसी भी स्थान से क्यों न की गई हो.

पूजा की तैयारी

शिव भगवान की पूजा में ज्यादा चीजें नहीं लगती हैं, लेकिन कुछ ऐसी सामग्री है जिन्हें भगवान शिव की आराधना में जरूर शामिल करें.

सामग्री लिस्ट

  • अभिषेक के लिए: शुद्ध जल, कच्चा दूध, गंगाजल.
  • पूजा सामग्री: बेलपत्र (खंडित न हों), धतूरा, अक्षत (साबुत चावल), सफेद फूल, चंदन.
  • भोग: फल, मिठाई या पंचामृत.
  • दीपक: घी या तेल का दीया और अगरबत्ती.

पूजा विधि

पूजा का संकल्प

सुबह जल्दी स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. यदि संभव हो तो इस दिन सफेद या पीले कपड़े पहनें. इसके बाद अपने घर के मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें. फिर हाथ में थोड़ा जल लेकर शिव जी का ध्यान करते हुए व्रत या पूजा का संकल्प लें.

महादेव का अभिषेक

इसके बाद एक तांबे या पीतल के पात्र में शिवलिंग रखें. सबसे पहले शिवलिंग पर गंगाजल या शुद्ध जल अर्पित करें. इसके बाद कच्चा दूध चढ़ाएं. आप अपने सामर्थ्य अनुसार दही, घी, शहद आदि से भी अभिषेक कर सकते हैं. अंत में फिर से शुद्ध जल से स्नान कराएं और शिवलिंग को साफ कपड़े से पोंछ लें.

महादेव को अर्पित करें ये चीजें

शिवलिंग पर सफेद चंदन या भस्म से त्रिपुंड (तीन रेखाएं) बनाएं. इसके बाद भगवान शिव को अक्षत अर्पित करें. ध्यान रखें कि चावल टूटे हुए न हों. फिर 3 या 11 बेलपत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ जपते हुए अर्पित करें. बेलपत्र का चिकना हिस्सा शिवलिंग की ओर होना चाहिए. इसके बाद महादेव को धतूरा, आक के फूल या कोई भी सफेद फूल चढ़ाएं. फिर महादेव के सामने दीपक और अगरबत्ती जलाएं और फल या मिठाई का भोग लगाएं.

मंत्र जाप और आरती

शांत मन से बैठकर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें. अंत में शिव जी की आरती करें और अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

प्रभात खबर डिजिटल के जरिए मैंने पत्रकारिता की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है. यहां मैं धर्म और राशिफल बीट पर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. इसके अलावा मुझे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े विषयों पर लिखने में रुचि है.

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